कुशीनगर. वैसे तो देशभर में हर जगह श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है, लेकिन उत्तर प्रदेश में एक ऐसा जिला है. जहां 31 सालों से जन्माष्टमी नहीं मनाई गई है. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का सनातन धर्म में खास महत्व है. ऐसे में देशभर में धूमधाम से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है. अब अगर उत्तर प्रदेश की बात करें तो प्रदेश में भी यह पर्व मनाया जाता है.
यूपी का अनोखा जिला
ऐसे में यूपी का एक जिला ऐसा भी है, जहां 31 सालों से जन्माष्टमी नहीं मनाई गई, लेकिन इस बार बड़ा बदलाव होने जा रहा है. वह जिला कोई और नहीं बल्कि कुशीनगर है. यहां 31 सालों के बाद यह पर्व थानों में मनाया जाएगा.
क्या है इसकी वजह?
रिपोर्ट्स की मानें तो 30 अगस्त 1994 को कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के पचरुखिया जंगल में डकैतों के साथ मुठभेड़ हुई थी. इस मुठभेड़ में 6 पुलिसकर्मियों की जान चली गई थी. जिसकी वजह से यह आयोजन स्थगित कर दिया गया था.
श्रद्धा और उल्लास
यह घटना उस वक्त हुई थी, जब नवगठित पडरौना जिला (कुशीनगर) अपने पहले जन्माष्टमी उत्सव की तैयारी कर रहा था. आपको बता दें, यूपी के कई थानों में श्रद्धा और उल्लास के साथ भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाने वाली जन्माष्टमी मनाई जाती है.
किसको समर्पित किया ये दिन?
पुलिस अफसरों की मानें तो इस त्रासदी के बाद यह दिन जान गंवाने वाले पुलिस कर्मियों की याद में समर्पित किया गया था. इसके चलते पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से जिले के किसी भी थाने में जन्माष्टमी का आयोजन नहीं हुआ था.

एसपी का निर्देश
इस बार एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने जिले के सभी थानों को जन्माष्टमी मनाने के निर्देश दिए गए हैं. अफसरों की मानें तो यह फैसला जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही पुलिस बल में परंपरा और मनोबल को बहाल करने के उद्देश्य से लिया गया है.











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