बागपत। बिनौली के बिजवाड़ा गाँव के जंगल में अमरूद तोड़ने के लिए दीवार पर चढ़ते समय हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से बीए द्वितीय वर्ष के छात्र आदित्य उर्फ अक्की (20) की मौत हो गई। उसका दोस्त अंकित झुलस गया, जिसका निजी चिकित्सक ने इलाज कराया।
बिजवाड़ा गांव निवासी आदित्य बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह मंगलवार दोपहर अपने साथी अंकित के साथ जंगल में अमरूद तोड़ने के लिए गया था। गांव के बाहर सरकारी नलकूप के पास खड़े पेड़ से एक अमरूद तोड़ने के लिए दीवार पर चढ़कर दोनों खेत में कूदने लगे। दोनों के हाथ नीचे तक लटक रही हाईटेंशन लाइन से टच हो गए।
इससे आदित्य बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। अंकित ने किसी तरह गांव में जाकर आदित्य को करंट लगने के बारे में जानकारी दी। वहां आए ग्रामीण आदित्य को उठाकर अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में मौत हो गई। वहीं निजी अस्पताल के चिकित्सक ने भी मृत घोषित कर दिया। इसके बाद ग्रामीण शव लेकर चले गए। उधर, पुलिसकर्मियों ने शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही, लेकिन परिजनों ने मना कर दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि आदित्य इकलौता बेटा था। पिता महिपाल की करीब दस साल पहले कैंसर से ग्रस्त होने के कारण मौत हो गई थी। सुमन अपने बेटे आदित्य के साथ गांव में रह रही थी।
बिजवाड़ा गांव के ग्रामीण बिजेंद्र, राकेश, सतेंद्र आदि ने आरोप लगाया कि गांव के जंगल में ऊर्जा निगम की लापरवाही के चलते बिजली लाइन के तार नीचे तक झूल रहे हैं। इसकी शिकायत भी की गई, लेकिन ऊर्जा निगम के अफसरों ने ध्यान नहीं दिया और लाइन ठीक नहीं कराई गई। इससे कई बार हादसे हो चुके हैं।
बिजवाड़ा में छात्र की करंट लगने से मौत होने के मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी। बिजली लाइनों को ठीक कराया जाएगा। -प्रदीप सोनकर, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम।











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