लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा नवचयनित 1510 अनुदेशकों में से 11 को नियुक्ति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों से सरकारी और निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और अब उत्तर प्रदेश में नौकरियों की बाढ़ आ गई है।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भर्ती प्रक्रियाओं में व्यवधान के कारण नौजवानों को परेशानी होती थी, जबकि अब सख्ती और पारदर्शिता के साथ भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद 8 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई और प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
सीएम योगी ने नियुक्ति पाने वाले युवाओं को ईमानदारी और पेशेवर कौशल के साथ प्रशिक्षण देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त युवा अपने क्षेत्र में नए प्रशिक्षुओं को सक्षम बनाएंगे और उनका कौशल ग्लोबल मार्केट में मान्य होगा।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के 286 राजकीय आईटीआई में 92 व्यवसाय संचालित हैं, जिनमें 1.84 लाख युवाओं को प्रशिक्षण मिल रहा है। सरकार ने मासिक फीस मात्र 40 रुपए तय की है और निजी आईटीआई में भी 6 लाख सीटों पर प्रशिक्षण व छात्रवृत्ति की सुविधा दी जा रही है।
कार्यक्रम में राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, इंजीनियर अवनीश सिंह, प्रभारी मुख्य सचिव दीपक कुमार और प्रमुख सचिव हरिओम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।










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