लखनऊ : प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ का समापन 26 फरवरी से होगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर इस आयोजन की सफलता के लिए देश-विदेश के लोगों का आभार जताया।
आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में आयोजित मानवता का महायज्ञ, आस्था, एकता और समानता का महापर्व महाकुंभ-2025, प्रयागराज आज महाशिवरात्रि के पावन स्नान के साथ अपनी पूर्णता की ओर अग्रसर है।
13 जनवरी पौष पूर्णिमा से प्रारम्भ होकर आज 26 फरवरी महाशिवरात्रि तक कुल 45 दिनों में 66 करोड़ 21 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र त्रिवेणी में स्नान का पुण्य लाभ प्राप्त किया। यह विश्व इतिहास में अभूतपूर्व- अविस्मरणीय है।
पूज्य अखाड़ों, संतों, महामंडलेश्वरों और धर्मगुरुओं के पावन आशीर्वाद का ही परिणाम है कि समरसता का यह महासमागम दिव्य और भव्य बनकर पूरे विश्व को एकता का संदेश दे रहा है।
इस उपलब्धि के सूत्रधार रहे सभी महानुभावों, देश-विदेश से आए सभी श्रद्धालुओं और कल्पवासियों को हार्दिक बधाई और आभार।
महाकुंभ मेला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सफाई कर्मियों, गंगा दूतों, स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, नाविकों और महाकुंभ से जुड़े केंद्र और राज्य सरकार के सभी विभागों के साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी महानुभावों और संस्थाओं का आभार, जो महाकुंभ के व्यवस्थित आयोजन के कर्णधार रहे। प्रयागराज की जनता का विशेष आभार, जिनके धैर्य और आतिथ्य ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मां गंगा, भगवान बेनी माधव आप सभी का कल्याण करें।
महाकुंभ के सकुशल संपन्न होने पर डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि यह बिना किसी बड़ी त्रासदी के संपन्न हुआ। महाकुंभ ने कई कीर्तिमान बनाए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देंगे। आपको बता दें कि महाकुंभ के संपन्न होने पर गुरुवार को प्रयागराज में सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में बड़ा भोजन भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य सचिव, डीजीपी समेत 5 हजार से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी हिस्सा लेंगे।
अंतिम स्नान के सकुशल संपन्न होने पर जारी अपने बयान में डीजीपी ने कहा कि आज महाकुंभ का अंतिम दिन है। महाकुंभ के पिछले 45 दिनों में प्रयागराज में 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया।
सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हमने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और प्रौद्योगिकियों का अभूतपूर्व मॉडल पेश किया है। हमने भीड़ प्रबंधन और निगरानी के लिए विश्व स्तरीय तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया। सभी एजेंसियों के सहयोग से हमें मदद मिली। अयोध्या, वाराणसी और विंध्यवासिनी देवी जैसे धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखी गई, जो प्रयागराज के दर्शन करने के बाद वहां गए।
हमने रेलवे के साथ मिलकर काम किया। यह हमारे लिए चुनौती नहीं, बल्कि अवसर है। हमारे कर्मियों ने 45 दिनों तक जमीन पर काम किया और उससे पहले दो महीने तक प्रशिक्षण लिया। व्यक्तिगत रूप से, यह गर्व की बात है और एक अविस्मरणीय अनुभव है।










Discussion about this post