मुजफ्फरनगर। मंगलवार को जनपद मुजफ्फरनगर में महर्षि वाल्मीकि जयंती का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। महर्षि वाल्मीकि के जीवन दर्शन और उनके अमर ग्रंथ रामायण को स्मरण करते हुए विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
नगर के प्रमुख वाल्मीकि मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों को भव्य रूप से सजाया गया था। इस अवसर पर जनपद भर में भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और आध्यात्मिक वातावरण का सृजन किया।
मंत्री कपिल देव ने किया शोभायात्रा का शुभारंभ-
उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने रुड़की रोड स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर पहुंचकर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज (भावाधस) के पदाधिकारियों, पूर्व विधायक प्रमोद उटवाल और पूर्व जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला के साथ मिलकर वाल्मीकि जयंती शोभायात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री ने घोषणा की कि नावल्टी चौक का नामकरण महर्षि वाल्मीकि के नाम पर कराया जाएगा।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राकेश शर्मा ने इस अवसर पर घोषणा की कि सरकार जब इस चौक को महर्षि वाल्मीकि के नाम पर बनाया जाएगा तो वे अपने खर्चे से यहाँ महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा की स्थापना कराएंगे।
वाल्मीकि जी का जीवन मानव जाति के लिए प्रेरणास्रोत-
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री कपिल देव ने सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने अपने अमर ग्रंथ रामायण के माध्यम से मानवता, सत्य, धर्म और मर्यादा के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के जीवन को मानव जाति के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनके उपदेश एक श्रेष्ठ समाज सुधारक के समान हैं।
शोभायात्रा में दिखी अनूठी सेवा-
भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज (भावाधस) के नेतृत्व में यह भव्य शोभायात्रा रामपुरी रुड़की रोड स्थित वाल्मीकि मंदिर से शुरू हुई और रामपुरी वाल्मीकि मंदिर पर संपन्न हुई। शोभायात्रा में समाज के वीरों और वीरांगनाओं को याद किया गया। शोभायात्रा का सबसे खास पहलू यह रहा कि समाज के लोगों ने पालकी के आगे पानी डालकर और झाड़ू लगाकर सेवा भाव से अपना योगदान दिया।
इस आयोजन में डॉ. प्रदीप वाल्मीकि, सनी सिलेलान, कपिल पहीवाल, अमित अटवाल, अर्जुन टांक सहित सैकड़ों गणमान्य लोग और श्रद्धालु शामिल रहे।










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