मुजफ्फरनगर। पुलवामा में हिंदू पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने आज सात राज्यों में मॉक ड्रिल करने का फैसला किया है। शुरुआत में उत्तर प्रदेश में 19 जिलों में मॉक ड्रिल की योजना बनाई गई थी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य के डीजीपी प्रशांत कुमार ने सभी जिलों में इसे आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इस मॉक ड्रिल में आम जनता को हवाई हमलों, ड्रोन हमलों और मिसाइल हमलों से बचाव के तरीके बताए जाएंगे।
मुजफ्फरनगर जिले में करीब 54 साल बाद मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। मुजफ्फरनगर में आज मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा, जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पुलिस प्रशासन ने सिविल डिफेंस, एनसीसी, एनएसएस और नेहरू युवा केन्द्र के सदस्यों को इसमें शामिल किया है। देखा जाये तो मुजफ्फरनगर की स्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यह दिल्ली से मात्र 120 किलोमीटर दूर है और उत्तराखंड की सीमा से जुडा हुआ जनपद है। पास में रूडकी और मेरठ में सेना की छावनियां हैं। नजदीक ही स्थित देवबंद पर सुरक्षा एजेंसियों की विशेष नजर रहती है। यहां से पहले भी आतंकवादी संगठनों से जुडे लोग पकडे जा चुके हैं और एनआईए ने कई बार यहां पर छापेमारी भी की है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेन्द्र सिंह, एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत के साथ मॉकड्रिल की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा चुका है, जिसमें आम नागरिकों को हवाई हमले, ड्रोन अटैक और मिसाइल जैसे हमलों की स्थितियों से बचाव की जानकारी दी जायेगी। जनपद में यह मॉकड्रिल लगभग 54 साल बाद हो रही है, इससे पहले वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान मॉकड्रिल का आयोजन किया गया था। इसके साथ ही चेतावनी के लिये सायरन बजाये जायेंगे, ताकि सायरन सुनते ही लोग सतर्क होकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जायें। नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा इस अभ्यास में आम नागरिकों, खासकर छात्रों को सिविल डिफेंस के बुनियादी कौशल सिखाये जायेंगे। इसमें प्राथमिक चिकित्सा, आग बुझाना, संचार के साधनों का उपयोग करना एवं शेल्टर में जाने तथा दूसरों की मदद करना शामिल रहेगा।
पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि मॉकड्रिल के माध्यम से नागरिकों को जागरूक करने के साथ निर्देशों का शत प्रतिशत पालन कराया जायेगा। साथ ही सुरक्षा का पूरा खाका भी तैयार किया गया है, ताकि आपातकाल में उसे लागू किया जा सके। बडे धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थान, बिजली प्लांट एवं अतिरिक्त सुरक्षा करने के साथ पुलिसकर्मियों को उनकी नई जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक किया जायेगा। पुलिस प्रशासन ने सिविल डिफेंस एनसीसी, एनएसएस और नेहरू युवा केन्द्र से जुडे लोगों को तैयार किया है।
इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में विकास भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सीडीओ कमलकिशोर कंडारकर, एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम फाइनेंस गजेंद्र सिंह, सीएमओ डॉक्टर सुनील तेवतिया, एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत, जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी, एसडीएम सदर निकिता शर्मा, आर्मी के ऑफिसर सहित पुलिस प्रशासन के संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। यह मॉकड्रिल बुधवार को सायं चार बजे श्रीराम कालेज के प्रांगण में आयोजित किया जायेगा, जिसमें विद्यार्थियों के साथ-साथ आम जनमानस मौजूद रहेंगे। मॉकड्रिल का आयोजन तहसील स्तर के ग्राम पंचायतों तक आयोजित किया जायेगा, जिनकी तिथियां भी बता दी जायेंगी।










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