मुजफ्फरनगर। बकरीद से पहले जमीयत उलमा-ए-हिंद ने अहम फैसला लेते हुए साफ कर दिया है कि इस बार त्योहार पर प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी नहीं दी जाएगी। यह फैसला शुक्रवार को अंबा विहार स्थित मदरसा चिरागिया में हुई संगठन की कार्यसमिति की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मौलाना मुकर्रम अली कासमी ने की।
बैठक में जिले भर से उलमा, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान ईद-उल-अजहा की तैयारियों, संगठन को मजबूत करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
मौलाना मुकर्रम ने कहा कि मुस्लिम समाज को कानून का पालन करते हुए बकरीद मनानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी से बचा जाए और कुर्बानी को पर्दे में अदा किया जाए। इसके अलावा, कुर्बानी की तस्वीरें या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न करने की अपील की गई, जिससे समाज में गलत संदेश न जाए।
उन्होंने कहा कि त्यौहार आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया जाए और किसी भी प्रकार की धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन न हो। बैठक में संगठन के विस्तार और नई रणनीति पर भी विमर्श हुआ।










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