मुजफ्फरनगर। पुरकाजी थाना क्षेत्र के दादूपुर गांव में हुए चर्चित मोनू हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। गुरुवार देर रात हुई मुठभेड़ में तीनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि मृतक मोनू रिश्ते में करतार का भतीजा था और पुरकाजी थाने का हिस्ट्रीशीटर भी। जब पुलिस उसकी निगरानी या घर पर दबिश देती थी तो वह शक करता था कि सूचना चाचा करतार ने दी है। इसके अलावा, खेत के रास्ते को लेकर भी मोनू और करतार के बीच विवाद था। इसी रंजिश के चलते तीनों ने मोनू की हत्या की योजना बनाई और 11 सितंबर की शाम को उसे गोली मार दी।
गुरुवार-शुक्रवार रात थाना प्रभारी पुरकाजी जयवीर सिंह पुलिस टीम के साथ शेरपुर तिराहे के पास मौजूद थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि मोनू हत्याकांड के आरोपी ग्राम मारकपुर की ओर भागने की फिराक में हैं। पुलिस ने खेड़की-हुसैनपुर-मारकपुर मार्ग पर चेकिंग शुरू की तो मोटरसाइकिल पर तीन युवक आते दिखाई दिए।
रुकने का इशारा करने पर आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और भागने लगे। तेज रफ्तार के कारण उनकी मोटरसाइकिल गन्ने के खेत में पलट गई। आरोपी खेतों में घुसकर फायरिंग करते रहे, लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीनों घायल हो गए और पकड़े गए।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं— सोनू उर्फ बलजिंदर पुत्र मुख्तार सिंह, काका उर्फ सुखजिंदर पुत्र मुख्तार सिंह, करतार सिंह पुत्र भोपाल (सभी निवासी दादूपुर, थाना पुरकाजी)
इनसे एक रायफल 315 बोर, एक मस्कट 12 बोर, एक तमंचा 12 बोर, जिंदा व खोखा कारतूस और एक पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि इस सराहनीय कार्रवाई के लिए पुरकाजी थाना पुलिस टीम को 20 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की गई है।










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