मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ योजना में काम करने वाले स्थानीय ठेकेदारों ने बड़ी कंपनियों पर भुगतान रोकने का गंभीर आरोप लगाया है। भारतीय किसान यूनियन (सेवक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर दीपक सौम के नेतृत्व में दर्जनों ठेकेदारों ने जिलाधिकारी (DM) से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई और ज्ञापन सौंपा।
प्रमुख आरोप: एनकेजी और लक्ष्मी कंपनी के घेरे में-
ठेकेदारों का आरोप है कि उन्होंने जनपद के गाँवों में पाइपलाइन बिछाने और पानी की टंकियों के निर्माण का कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा किया था। इसके बावजूद, कार्यदायी संस्था एनकेजी (NKG) और लक्ष्मी कंपनी उनका करोड़ों रुपये का भुगतान दबाए बैठी हैं, जबकि सरकार से इन कंपनियों को पैसा मिल चुका है।
डेढ़ साल से बकाया है भुगतान, ठेकेदार कर्ज की मार में-
भाकियू (सेवक) के अध्यक्ष दीपक सौम ने कहा कि निजी कंपनियां स्थानीय ठेकेदारों और मजदूरों का शोषण कर रही हैं। काम पूरा होने के बाद भी भुगतान में जानबूझकर टालमटोल की जा रही है।
ठेकेदार धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि पिछले 18 महीनों से वे भुगतान के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। कई ठेकेदारों ने अपना घर और संसाधन गिरवी रखकर मजदूरों का पैसा चुकाया है।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग-
पीड़ित ठेकेदारों के अनुसार, लगभग 15 से 20 स्थानीय ठेकेदार इस समय आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और इन कंपनियों से उनका रुका हुआ पैसा तुरंत दिलाया जाए।










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