मुजफ्फरनगर। जनपद की शुगर मिलों में मजदूरों के उत्पीड़न और सुविधाओं के अभाव के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। चरथावल विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक पंकज मलिक द्वारा विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद, शासन के निर्देश पर एक उच्चस्तरीय जाँच समिति मुजफ्फरनगर पहुँची।
प्रमुख मिलों का औचक निरीक्षण-
विधानसभा अध्यक्ष के आदेश पर गठित इस जाँच टीम ने आईपीएल शुगर मिल (तितावी) और अपर दोआब शुगर मिल (शामली) का विस्तृत निरीक्षण किया। टीम ने उन गंभीर आरोपों की पड़ताल की, जिनमें वेज बोर्ड के अनुसार वेतन न देना, अवैध तरीके से ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा देना और मजदूरों के लिए मूलभूत सुविधाओं (जैसे कैंटीन और रेस्ट रूम) की कमी की बात कही गई थी।
प्रारंभिक जाँच में आरोपों की पुष्टि-
श्रम विभाग के डिप्टी कमिश्नर शमीम अख्तर ने मीडिया को बताया कि शुरुआती जाँच के दौरान कुछ आरोपों में सच्चाई पाई गई है। टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपेगी, जिसके आधार पर लखनऊ स्तर से मिल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
“मजदूरों को न्याय मिलने तक जारी रहेगी लड़ाई” – पंकज मलिक
विधायक पंकज मलिक ने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा, “क्षेत्र के मिल कर्मचारियों और मजदूरों से लगातार शोषण की शिकायतें मिल रही थीं। मिलों में वेज बोर्ड लागू न होना और ठेकेदारी प्रथा के जरिए मजदूरों का हक मारा जाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक हर श्रमिक को उसका अधिकार नहीं मिलता, मैं सदन से लेकर सड़क तक यह लड़ाई लड़ता रहूँगा।”










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