मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी उमेश मिश्र की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में आयोजित आईजीआरएस समीक्षा बैठक के दौरान जिले में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही व गुणवत्ता की कमी पर सख्त रुख अपनाया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अब किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का व्यक्तिगत रूप से अवलोकन करें और समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए अब फीडबैक लेना अनिवार्य कर दिया गया है, साथ ही फोन पर की गई बातचीत की तारीख, समय और मोबाइल नंबर पोर्टल पर दर्ज करना आवश्यक होगा। यदि किसी शिकायत के निस्तारण हेतु निरीक्षण किया गया है, तो उसका जियो टैग फोटो भी पोर्टल पर अपलोड कर टिप्पणी में शामिल किया जाना अनिवार्य है।
बैठक में अधिशासी अभियंता विद्युत, जल निगम ग्रामीण, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, एडीओ पंचायत चरथावल, कृषि विभाग सहित कई अन्य विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार को निर्देश दिए कि यदि भविष्य में इन विभागों द्वारा शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि ए और ई श्रेणी में आने वाले विभागों को अपनी स्थिति बनाए रखनी चाहिए, वहीं ए श्रेणी के बाहर के विभागों को शिकायतों के त्वरित और बेहतर निस्तारण के प्रयास करने होंगे, ताकि जिले की ओवरऑल रैंकिंग में सुधार हो सके। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया, जिला पंचायत राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।










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