मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव खुब्बापुर में वर्ष 2012 में हुए बहुचर्चित आगजनी मामले में शुक्रवार को बुढ़ाना के पूर्व भाजपा विधायक उमेश मलिक समेत आठ आरोपी कोर्ट में पेश हुए। सभी ने कोर्ट के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। अब इस मामले में बहस की अगली तिथि 5 जून 2025 तय की गई है। बहस पूरी होने के बाद कोर्ट द्वारा फैसले की तिथि तय की जाएगी।
घटना 29 सितंबर 2012 की है, जब खुब्बापुर गांव में भाजपा कार्यकर्ता राहुल शर्मा की हत्या कर दी गई थी। हत्या के विरोध में इलाके में भारी तनाव फैल गया था और प्रदर्शन हुआ। आरोप है कि इस प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई और दूसरे समुदाय के घरों में आगजनी कर दी गई। इस मामले में भाजपा के तत्कालीन विधायक उमेश मलिक सहित 12 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
बचाव पक्ष की दलील: ‘राजनीतिक दबाव में दर्ज हुआ केस’
आरोपियों की ओर से पेश अधिवक्ता श्यामवीर सिंह मलिक ने कहा, “यह मुकदमा तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार के समय दर्ज कराया गया था, जिसका उद्देश्य राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित था।” उन्होंने बताया कि इस केस में कुल 12 आरोपित थे, जिनमें से 4 की मौत हो चुकी है। शेष 8 आरोपियों के विरुद्ध गवाही प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और शुक्रवार को सभी ने अपने बयान दर्ज कराए।
बुढाना के पूर्व विधायक उमेश मलिक ने कोर्ट से बाहर कहा, “हमारा इस आगजनी की घटना से कोई लेना-देना नहीं है। राहुल शर्मा भाजपा और संघ का सक्रिय कार्यकर्ता था, जिसकी बर्बर हत्या कर दी गई थी। हम उसके अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। इसके बाद जो कुछ हुआ, उसका झूठा मुकदमा हम पर थोप दिया गया।” उन्होंने विश्वास जताया कि न्यायालय से उन्हें न्याय मिलेगा और सच्चाई की जीत होगी।










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