मुजफ्फरनगर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अधिकारी की पत्नी से ₹65 लाख की ठगी के मामले में मुजफ्फरनगर साइबर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने हरियाणा के हिसार जिले के हांसी से एक और आरोपी नसीबदीन को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई साइबर ठगों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है।
गरीबी का फायदा उठाकर जाल में फँसाया-
गिरफ्तार आरोपी नसीबदीन, जो सिर्फ 9वीं पास है और ई-रिक्शा चलाता है, के बैंक खाते में ₹10.82 करोड़ का चौंकाने वाला लेनदेन मिला है।
पुलिस के मुताबिक, कोरोना काल में नसीबदीन की दुकान बंद हो गई थी। इस दौरान वह ‘जीवन’ नामक एक व्यक्ति के संपर्क में आया, जिसने डेढ़ लाख रुपये और आगे भी मदद देने का वादा कर उसके बैंक खाते के सभी दस्तावेज ले लिए।
इन दस्तावेजों का इस्तेमाल ठगी की रकम जमा करने और निकालने के लिए किया जाता था।
जांच में पता चला कि ईडी अधिकारी की पत्नी के खाते से ₹15 लाख नसीबदीन के खाते में जमा हुए थे।
ऑनलाइन ट्रेडिंग का दिया था झांसा-
एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि ठगों ने मोदीनगर निवासी ईडी अधिकारी की पत्नी को टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा था।
यह ग्रुप यूएस/आइएनडी ट्रेडिंग स्टॉक में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देता था।
झांसे में आकर पीड़ित महिला ने चरणबद्ध तरीके से चार अलग-अलग खातों में कुल ₹65 लाख का निवेश कर दिया।
जब उन्हें मुनाफा नहीं मिला, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने की जनपदवासियों से अपील-
मुजफ्फरनगर साइबर सेल ने लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने और व्यक्तिगत जानकारी, जैसे खाता संख्या, पिन, ओटीपी, और सीवीवी नंबर किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी है।
किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या मुजफ्फरनगर साइबर सेल के नंबर 9454401617 पर संपर्क करने को कहा गया है।
एक और आरोपी पहले ही हो चुका है गिरफ्तार-
पुलिस इस गिरोह के एक अन्य सदस्य अजहर उल्ला को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी पकड़ा जा सके।










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