मुजफ्फरनगर जिले के ऐतिहासिक गांव सोरम में शहीद दिवस का आयोजन हर साल की तरह इस बार भी पूरे जोश और उत्साह के साथ किया गया। सर्वखाप के मुख्यालय इस गांव में शहीदों की याद में हर साल इस तरह के कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इस साल भी आज 23 मार्च को गांव की ऐतिहासिक चौपाल पर भव्य आयोजन हुआ, जिसमें देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया।
सोरम गांव की ऐतिहासिक चौपाल हर साल शहीद दिवस के अवसर पर एकत्रित लोगों के उत्साह का केंद्र बनती है। इस बार भी चौपाल को भव्य रूप से सजाया गया और पूरे इलाके में उत्सव का माहौल रहा। कार्यक्रम की शुरुआत एक महायज्ञ के साथ हुई, जिसमें शहीदों की आत्मा की शांति के लिए हवन किया गया। इसके बाद देशभक्ति से भरे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस आयोजन में न केवल स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज की। समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। इन नेताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश के लिए उनके बलिदान को याद किया। उनकी मौजूदगी ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया।
सोरम गांव का एक विशेष महत्व है, क्योंकि यह सर्वखाप पंचायत का मुख्यालय है। हर साल शहीद दिवस के मौके पर यहां शहीदों को श्रद्धांजलि देने की परंपरा रही है। पिछले तीन-चार वर्षों से यह आयोजन लगातार और अधिक भव्य रूप में मनाया जा रहा है। गांव के लोग इस दिन को देश के वीर सपूतों के सम्मान में समर्पित करते हैं और इसे एक उत्सव की तरह मनाते हैं।
शहीद दिवस के अवसर पर सोरम गांव और उसके आसपास का पूरा इलाका सजाया गया। रंग-बिरंगे झंडों और फूलों से सजी चौपाल लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। इस आयोजन में शामिल होने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंचे, जिससे पूरे क्षेत्र में एकता और देशभक्ति का संदेश प्रसारित हुआ।
इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल शहीदों को याद किया गया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से प्रेरणा लेने का संदेश भी दिया गया। हवन और देशभक्ति कार्यक्रमों के जरिए लोगों ने शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की और देश के लिए समर्पण का संकल्प दोहराया।










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