मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। शनिवार को प्रशासन और नगर पालिका की टीम ने पुलिस बल के साथ मिलकर सिविल लाइन थाना क्षेत्र की साकेत कॉलोनी स्थित एक विवादित मजार का निरीक्षण किया और सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी इस मजार को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
हिंदू संगठनों का आरोप है कि साकेत कॉलोनी पूरी तरह से हिंदू बहुल क्षेत्र है, और यहां ट्रांसफार्मर वाली गली में नगर पालिका की जमीन पर वर्षों पहले एक मजार का निर्माण “लैंड जिहाद” के तहत किया गया था। संगठनों का दावा है कि मजार का निर्माण जानबूझकर इस उद्देश्य से कराया गया था ताकि हिंदू बहुल क्षेत्र में संपत्तियों की कीमतें प्रभावित हों।
स्थानीय निवासियों ने भी इस मजार को अवैध बताते हुए कई बार प्रशासन से इसकी शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जब लंबे समय तक शिकायतों का कोई समाधान नहीं निकला, तो हिंदू संगठनों ने 14 जून तक मजार हटाने का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी थी कि तय समय सीमा के बाद वे स्वयं मजार हटाकर वहां हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।
इस चेतावनी के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शनिवार को नगर पालिका और पुलिस टीम को भेजकर मजार की नाप-जोख शुरू कर दी है। इसी के साथ ही मजार को हटाने की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है।
हालांकि, इस मुद्दे पर स्थानीय बुजुर्ग महिला विमला देवी का कहना है कि यह मजार लगभग 60 वर्ष पुरानी है और इसकी स्थानीय लोगों में आस्था है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मजार पर कोई मुस्लिम नहीं आता, बल्कि हिंदू ही चढ़ावा चढ़ाते हैं।
फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद हिंदू संगठनों ने अपनी चेतावनी वापस ले ली है और स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है।











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