मुज़फ्फरनगर। शाहपुर क्षेत्र का ऐतिहासिक गांव सोरम एक बार फिर एक बड़े आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। गांव की प्रसिद्ध चौपाल पर आयोजित बैठक में घोषणा की गई कि 16 से 18 नवंबर 2024 तक यहां तीन दिवसीय सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत होगी।
इससे पूर्व साल 2010 में सोरम गांव में सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत आयोजित हुई थी, जिसने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। लगभग 15 वर्ष बाद यह महापंचायत दोबारा आयोजित की जा रही है। ग्रामीणों से लेकर प्रदेश और अन्य राज्यों तक लोगों में इसे लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
राकेश टिकैत का बयान- बैठक में मौजूद भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा –
“यह महापंचायत केवल एक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक दृष्टि से ऐतिहासिक साबित होगी। पूरे देश को सोरम की चौपाल से एकता, भाईचारे और सामाजिक सुधार का संदेश मिलेगा।
इस महापंचायत में सिर्फ पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से भी लोग शिरकत करेंगे। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ से आदिवासी समाज के लोग भी इस महापंचायत का हिस्सा बनेंगे। वे न केवल सामाजिक विमर्श में भाग लेंगे बल्कि क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति को भी करीब से देखेंगे।
सर्वखाप मंत्री चौधरी सुभाष बालियान ने बताया कि पंचायत पूरी तरह सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित होगी।
समाज में फैली बुराइयों को दूर करने के लिए ठोस निर्णय लिए जाएंगे।
इसके लिए एक विशेष कमेटी का गठन भी किया गया है, जो महापंचायत की सफलता सुनिश्चित करेगी।
इस ऐतिहासिक पंचायत की तैयारियों को लेकर हुई बैठक की अध्यक्षता चौधरी बलजोर सिंह ने की, जबकि संचालन मास्टर रामपाल सिंह ने किया।
बैठक में बालियान खाप, बरवाला खाप और सोरम खाप के थांबेदारों के साथ-साथ भाकियू और अन्य संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव ओमपाल सिंह मलिक, जिला अध्यक्ष नवीन राठी, सोरम के पूर्व प्रधान सुधीर चौधरी, गांव प्रधान करणवीर सिंह, पूर्व प्रधान शिवचरण सिंह, डॉ. लोकेंद्र बालियान, विपिन बालियान, सोनू काबा, जितेंद्र बालियान, योगेंद्र बालियान, वीरेंद्र प्रधान, बिजेंद्र प्रधान, सतेंद्र प्रधान, विकास बालियान, देशपाल सिंह, अमित सरपंच, सत्यवीर सिक्ट्री सहित कई गणमान्य लोग शामिल रहे।
इसके अलावा सोरम, गोयला, शाहजुड्डी, रसूलपुर जाटान, गढ़ी बहादुरपुर और काकड़ा सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। सभी ने एक स्वर में इस महापंचायत को ऐतिहासिक और सफल बनाने का संकल्प लिया।
चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि सोरम की यह महापंचायत केवल गांव या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक साबित होगी। यह आयोजन सामाजिक एकजुटता और नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का बड़ा अवसर बनेगा।










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