मुज़फ्फरनगर। पंजाब इस समय भीषण बाढ़ से जूझ रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के थाना शाहपुर क्षेत्र के कसेरवा गांव के मुस्लिम समुदाय ने मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है। ग्रामीणों ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए बड़ी मात्रा में राहत सामग्री एकत्र कर जमीयत उलेमा-ए-हिंद को सौंपी है ताकि इसे पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचाया जा सके।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की मस्जिदों और मदरसों में ऐलान कर ग्रामीणों से अनाज, आटा, गेहूं, नगद धनराशि, खाने-पीने की वस्तुएं एकत्र की गईं। हर घर से लोगों ने अपने सामर्थ्य के अनुसार योगदान दिया। यह सारा सामान एकत्र कर जमीयत उलेमा-ए-हिंद को सौंपा गया, जो इसे पंजाब के सबसे प्रभावित क्षेत्रों में वितरित करेगा।
ग्रामीणों ने कहा कि पंजाब एक ऐसा राज्य है जो हर बार देश के किसी भी कोने में आपदा आने पर मदद के लिए आगे खड़ा होता है। आज जब पंजाब खुद संकट में है, तो हमारा फर्ज़ है कि हम उनके साथ मजबूती से खड़े रहें। यही नहीं, गांव में पंजाब के लिए सामूहिक दुआओं का आयोजन भी किया जा रहा है।
यह राहत सामग्री नस्ल, धर्म या मजहब से ऊपर उठकर मानवता के प्रति कर्तव्य को दर्शाती है। कसेरवा गांव का यह प्रयास न सिर्फ राहत पहुंचाने का कार्य है, बल्कि देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल भी है।










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