मुजफ्फरनगर। थाना नई मंडी क्षेत्र के गांव चांदपुर निवासी राहुल चौधरी, जो कि असम राइफल्स में सिपाही के पद पर तैनात थे, की अरुणाचल प्रदेश में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। राहुल अरुणाचल प्रदेश में तैनात थे। 14 अगस्त को असम राइफल्स के अधिकारियों ने उनके परिजनों को राहुल के घायल होने की सूचना दी, जिसके कुछ घंटों बाद बताया गया कि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
दो दिन बाद असम राइफल्स के दो जवान राहुल का पार्थिव शरीर लेकर गांव चांदपुर पहुंचे। ग्रामीणों ने राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की मांग की, लेकिन प्रशासन द्वारा सम्मान नहीं दिया गया। इस पर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। “राहुल फौजी अमर रहे” के नारों से गांव गूंज उठा।
घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल और समाजवादी पार्टी के नेता राकेश शर्मा मृतक जवान के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान असम राइफल्स के अधिकारियों ने जवान को सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
राहुल चौधरी वर्ष 2007 में असम राइफल्स में भर्ती हुए थे और रिटायरमेंट में मात्र दो महीने ही बचे थे। 16 अगस्त को उन्हें घर वापसी के लिए टिकट कंफर्म हुआ था, लेकिन उसके दो दिन पहले ही हादसे की खबर आई।
राहुल के परिवार में पत्नी, तीन छोटे बच्चे, माता-पिता, दो बहनें और एक भाई हैं। जवान की असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है।
ग्राम प्रधान सुनील कुमार ने सवाल उठाया कि 18 साल की सेवा देने वाले जवान को राजकीय सम्मान क्यों नहीं दिया गया। मौके पर पहुंचे सीओ नई मंडी राजू कुमार साव और थाना प्रभारी दिनेश चंद्र बघेल ने लोगों को समझाकर शांत किया और अंतिम संस्कार के लिए सहमति बनवाई।
इसके बाद सैकड़ों ग्रामीण राष्ट्रीय ध्वज के साथ तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। ट्रैक्टर-ट्रालियों, बाइकों और पैदल मार्च के जरिए देशभक्ति गीतों के बीच राहुल चौधरी को अंतिम विदाई दी गई। अंतिम यात्रा में राज्य मंत्री, पुलिस अधिकारी, सपा नेता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।










Discussion about this post