मुज़फ़्फ़रनगर : मुजफ्फरनगर व बागपत जनपद के किसानों को खरीफ ही नहीं बल्कि रवि सीजन में भी सिंचाई के लिए नहरों से पानी मिल सके, इसके लिए अब पूर्व राज्य मंत्री चौधरी योगराज सिंह सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को एक मांग पत्र सौंपते हुए किसानों की इस लंबे समय से चली आ रही समस्या को प्रमुखता से उठाया।
चौधरी योगराज सिंह ने मांग की कि पूर्वी यमुना नहर प्रणाली से जुड़ी सभी नहरों में रवि सीजन के दौरान भी पानी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में सिर्फ खरीफ सीजन के समय ही इन नहरों में पानी दिया जाता है, जिससे रवि की फसलों की सिंचाई में किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
पूर्व मंत्री ने बताया कि पूर्वी यमुना नहर के किलोमीटर 71.578 से बाएं किनारे कलरफुर राजवाहा निकलता है, जिसकी टेल से लोई राजवाहा (23.701 किमी लंबाई) जुड़ा है। इसी प्रणाली से टिकरी, निरपुडा, कुरथल, सुजती, भगवानपुर, दोघट, गेडबर और मिलना सहित कुल छह माइनर नहरें प्रवाहित होती हैं। इन सभी नहरों की कुल लंबाई 96.05 किमी है, जिनमें से 44.900 किमी मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र में और 51.150 किमी बागपत जिले में है।
योगराज सिंह ने यह भी याद दिलाया कि सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने ग्राम पंचायत जोला में आयोजित चौधरी चरण सिंह प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के दौरान इन नहरों में दोनों फसल सीजन में पानी देने की घोषणा की थी, लेकिन यह घोषणा अब तक धरातल पर लागू नहीं हो पाई है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो बिटावदा, इटावा, मिडकली, नगवा, जोला, विज्ञाना, कुरथल समेत दर्जनों गांवों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इससे एक ओर किसानों की आय बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर सिंचाई पर आने वाली लागत में भी कटौती होगी।
उन्होंने सिंचाई मंत्री से अनुरोध किया कि किसानों की जरूरतों को देखते हुए इस व्यवस्था को शीघ्रता से लागू किया जाए, ताकि क्षेत्र के किसान राहत महसूस कर सकें और दोनों फसलों की पैदावार बेहतर हो सके।











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