झिंझाना। कस्बे के मेन बाजार स्थित नगर पंचायत की दुकान को लेकर चल रहे विवाद में किरायेदार ने नगर पंचायत पर जबरन दुकान तोड़ने का आरोप लगाया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेशपाल कश्यप का कहना है कि किरायेदार ने लगभग तीस साल से किराया नहीं दिया, जिस कारण किरायेदार ने दुकान को निरस्त कर दिया।
मेन बाजार स्थित नगर पंचायत की दुकान कौशल रानी पत्नी अशोक मित्तल को पूर्व में किराये के लिए दी गई थी। दुकान की खस्ताहालत के चलते लगभग दो माह पूर्व कौशल रानी के पुत्र गोविंदा द्वारा मरम्मत का कार्य किया जा रहा था। बृहस्पतिवार काे नगर पंचायत कर्मचारी निर्माण कार्य को ध्वस्त कर मलबा उठाकर ले गए थे। गोविंदा का आरोप है कि नगर पंचायत कर्मियों ने जेसीबी मशीन से दुकान को ध्वस्त कर दिया है और उन्हें किसी भी तरह का कोई नोटिस जारी नहीं किया।
इस मामले की सूचना गोविंदा ने पुलिस को दी। गोविंदा मित्तल ने बताया कि वे दुकान का किराया नगर पंचायत में जमा कर रहे थे, लेकिन बाद में नगर पंचायत द्वारा किराया लेने से इंकार कर दिया था। बाद में दुकान का किराया न्यायालय द्वारा राजस्व कोष में जमा किया जा रहा है। दूसरी ओर नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेशपाल कश्यप ने बताया नगर पंचायत की दुकान है, जिसका 1993 से किराया नगर पंचायत में जमा नहीं किया गया है। दुकान के किरायेनामे को निरस्त कर दिया गया। दुकान पर अवैध कब्जा किया जा रहा था, जिसको गिरा दिया है। बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित कर नगर पंचायत दुकान का निर्माण स्वयं कराएगी।











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