मुजफ्फरनगर। गिरनार तीर्थ पर निर्वाण लड्डू और पूजा सामग्री चढ़ाने से रोके जाने का मामला एक बार फिर तूल पकड़ गया है। जैन एकता मंच ‘युवा शाखा’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव जैन ने भाजपा सरकार पर जैन समाज के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। उन्होंने तीखा बयान देते हुए कहा कि भाजपा सरकार जैन तीर्थ गिरनार पर असामाजिक तत्वों की खुलकर मदद कर रही है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
गौरतलब है कि गुजरात के जूनागढ़ में स्थित गिरनार पर्वत जैन धर्म का पवित्र तीर्थ स्थल है, जिसकी पांच टोंकें जैन श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पूजनीय मानी जाती हैं। यहीं जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ की तपोस्थली और निर्वाण भूमि मानी जाती है। प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु यहां मोक्ष पर्व के अवसर पर निर्वाण लड्डू चढ़ाकर पूजा अर्चना करते हैं। लेकिन वर्ष 2016 के बाद से असामाजिक तत्वों की अराजकता और सरकारी प्रतिबंधों के चलते श्रद्धालु निर्वाण लड्डू व अन्य पूजा सामग्री चढ़ाने से वंचित हैं।
गौरव जैन ने बताया कि इस वर्ष 2 जुलाई को नेमिनाथ निर्वाण दिवस के अवसर पर जब श्रद्धालु गिरनार यात्रा पर पहुँचे, तो प्रशासन द्वारा पहले ही एक नोटिस बोर्ड लगा दिया गया था। इसमें चेतावनी दी गई थी कि प्रथम टोंक के बाद यदि कोई श्रद्धालु धार्मिक नारे लगाएगा या उसके पास पूजा सामग्री अथवा लड्डू पाए गए, तो उसके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इस नोटिस की आड़ में कई यात्रियों के साथ बदसलूकी और अभद्रता की गई, जिससे श्रद्धालु आक्रोशित हैं।
गौरव जैन ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावी समय में जैन समाज को आश्वासन देती है, परन्तु सत्ता में आते ही आंखें मूंद लेती है। उन्होंने यह भी कहा कि यह खुला धोखा भाजपा को आगामी समय में भारी पड़ेगा, और जैन समाज लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगा।
उन्होंने मांग की कि 17 फरवरी 2005 को न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशों का तत्काल अनुपालन किया जाए, जिसमें स्पष्ट कहा गया था कि जैन श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार पूजा कर सकते हैं और अवैध रूप से स्थापित सभी वस्तुओं को हटाया जाना चाहिए। गौरव जैन ने यह भी चेताया कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो जैन समाज अपने आंदोलन को और तेज करेगा।










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