लखनऊ। पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना किसानों की सुविधा के लिए एक पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पारदर्शी नीतियों के तहत गन्ना विकास विभाग गांव-गांव जाकर 20 जुलाई से 30 अगस्त तक गन्ना सर्वे और सट्टा अभियान चलाएगा। इस दौरान किसान अपनी फसल से जुड़े आंकड़े देखकर मौके पर ही सुधार की आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। साथ ही किसान 30 सितंबर तक सदस्यता और उपज बढ़ोतरी के लिए आवेदन भी कर सकेंगे।
सर्वे से पहले किसानों को किया जाएगा सूचित
मुख्यमंत्री की मंशा को साकार करने को आयुक्त के निर्देशानुसार गन्ना पर्यवेक्षकों को गांव-गांव पहुंच किसानों को गन्ना के क्षेत्रफल व सट्टा की जानकारी देंगे। गांव में पहुंचने के पूर्व टीम किसानों को मोबाइल पर संदेश भेज कर सूचित करेगी। टीम के पहुंचने पर किसान अपनी कृषि योग्य भूमि, गन्ना प्रजाति, मोबाइल नंबर, बेसिक कोटा व बैंक खाता विवरण आदि का अवलोकन करेंगे। किसान 63 कॉलम की सर्वे सूची से संतुष्ट न होने पर आपत्ति दर्ज कराएंगे। आवश्यक साक्ष्य प्राप्त कर किसान की समस्या का तत्काल निस्तारण किया जाएगा।
आयुक्त ने विभाग ने गन्ना विकास समिति के सचिव, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, जिला गन्ना अधिकारी, उप गन्ना आयुक्त व मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को ग्राम स्तर पर सर्वे सट्टा प्रदर्शन का प्रतिदिन औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। यह कार्यक्रम हर हाल में 30 अगस्त तक पूर्ण करना होगा। यदि कोई टीम निर्धारित समय व अवधि तक गांव में नहीं पहुंचती है तो किसान टोल फ्री नंबर 1800-121-3203 पर सूचित करें।
इस तारीख तक चलेगा सदस्यता अभियान
प्रथम बार गन्ना की बोआई करने वाले किसान 30 सितंबर तक सदस्यता प्राप्त कर लें अन्यथा वह गन्ने की आपूर्ति न कर सकेंगे। ऊपज बढोत्तरी के लिए किसान निर्धारित शुल्क के साथ 30 सितंबर तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद सदस्यता व उपज वृद्धि कार्यक्रम समाप्त हो जाएगा।
किसानों को पोर्टल पर दी जाएगी जानकारी
आयुक्त ने किन्हीं कारणों से सर्वे प्रदर्शन के दौरान अनुपस्थित या बाहर रह रहे किसानों के लिए विशेष व्यवस्था की है। उनके लिए 63 कॉलम का डाटा पोर्टल पर लाइव होगा। किसान इसको देख कर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसका निस्तारण भी ऑनलाइन किया जाएगा।











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