नई दिल्ली। डिजिटल पेमेंट करने वाले करोड़ों भारतीयों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. 15 जुलाई 2025 से UPI चार्जबैक से जुड़े नए नियम लागू हो गए हैं. जिससे अगर कोई पेमेंट फेल हो जाता है या फ्रॉड हो जाता है तो अब रिफंड पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेजी से मिलेगा. NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) ने इस नई व्यवस्था को लागू किया है. जिसका मकसद UPI प्लेटफॉर्म पर शिकायतों को जल्दी और पारदर्शी तरीके से सुलझाना है.
पहले कैसी थी प्रक्रिया?
पहले जब कोई व्यक्ति UPI पेमेंट करता था और पैसा कटने के बावजूद उसे सेवा या प्रोडक्ट नहीं मिलता था. इससे वह बैंक से चार्जबैक की मांग करता था. लेकिन अगर वह चार्जबैक खारिज कर दिया जाता था तो बैंक को दोबारा NPCI से विशेष अनुमति लेनी पड़ती थी, ताकि उसी शिकायत को दोबारा URCS (UPI Reference Complaints System) में डाला जा सके. यह एक लंबी और समय लेने वाली प्रक्रिया थी.
अब क्या बदला है?
अब NPCI ने इस अतिरिक्त प्रक्रिया को हटा दिया है. बैंक अब किसी भी अस्वीकार की गई लेकिन वैध चार्जबैक क्लेम को सीधे दोबारा प्रोसेस कर सकते हैं. NPCI ने इस नए बदलाव को “RGNB” (Remitting bank raising good faith negative chargeback) नाम दिया है.
रिफंड अब होगा ज्यादा तेज
इसका मतलब यह हुआ कि अगर आपका सही चार्जबैक क्लेम गलती से रिजेक्ट हो गया था, तो अब आपको लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. आपका बैंक अब सीधे इस शिकायत को दोबारा भेज सकता है और रिफंड तेजी से दिला सकता है. यह बदलाव उन लोगों के लिए राहत की सांस है, जो फेल पेमेंट के बाद कई दिनों तक बैंक और NPCI के बीच उलझे रहते थे.
UAE में UPI को लेकर खबर
इस सबके बीच एक और खुशखबरी सामने आई है. अब भारतीय नागरिक जो UAE की यात्रा कर रहे हैं, वे वहां और ज्यादा दुकानों, होटल्स और आउटलेट्स पर UPI से पेमेंट कर पाएंगे.
NPCI की अंतरराष्ट्रीय शाखा NPCI International Payments Ltd (NIPL) अब UPI की पहुंच विदेशों में बढ़ा रही है.
यह सुविधा भारतीय पर्यटकों और UAE में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी. उन्हें अब न तो भारी नकदी रखने की जरूरत होगी और न ही अलग-अलग कार्ड्स.
क्यों जरूरी था यह बदलाव?
जैसे-जैसे डिजिटल पेमेंट्स का चलन बढ़ रहा है, वैसे-वैसे फेल या फ्रॉड ट्रांजैक्शन की शिकायतें भी बढ़ रही हैं. NPCI का यह कदम ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने और सिस्टम को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में अहम है.











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