नई दिल्ली: पद्मिनी कोल्हापुरे को राज कपूर की डिस्कवरी कहा जाता है. राज कपूर ने एक बार उन्हें देखा और शशि कपूर-जीनत अमान की फिल्म ‘सत्यम शिवम सुंदरम’में बेबी रूपा के रोल में कास्ट कर लिया था. इसी फिल्म से उन्हें पहचान मिली थी. लेकिन कोई नहीं जानता कि उन्होंने डेब्यू देवानंद के साथ किया था.
पद्मिनी कोल्हापुरे ने बतौर बाल कलाकार अपने करियर की शुरुआत की थी. उनका पहला बड़ा रोल 1977 में आई फिल्म ‘साजन बिना सुहागन’ में था. इसके बाद उन्होंने 1980 में राज कपूर की फिल्म ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ में छोटी जीनत अमान (यानी रूपा के बचपन का किरदार) निभाया था, जिसे अक्सर लोग उनका डेब्यू मान लेते हैं.
बचपन में ही राज कपूर की इस फिल्म के बाद पद्मिनी रातोंरात स्टार बन गई थीं.इस फिल्म के बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर मिलने लगे थे. लेकिन असल में वह देवानंद की खोज हैं, न कि राज कपूर की.
पद्मिनी कोल्हापुरे ने अपने एक इंटरव्यू में ये खुलासा किया था कि उनकी दादी उन्हें एक्ट्रेस बनते हुए देखना चाहती थीं. एक बाद देवानंद ने उन्हें अपनी एक फिल्म में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट साइन किया था. वही उनकी डेब्यू फिल्म थी.
साल 1974 में देव एक फिल्म लेकर आए थे, जिसका निर्माण भी उन्होंने ही किया था. फिल्म के डायरेक्टर भी वही थे. इतना ही नहीं फिल्म में उन्होंने बतौर एक्टर भी काम किया था. उस फिल्म का नाम है इश्क इश्क इश्क. इसी फिल्म से पद्मिनी कोल्हापुरे ने डेब्यू किया था.
देवानंद की इस फिल्म में जीनत अमान और कबीर बेदी, शबाना आजमी लीड रोल में नजर आए थे.फिल्म में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट पद्मिनी कोल्हापुरे ने डेब्यू किया था. उन्होंने अपने इंटरव्यू में बताया कि इडंस्ट्री में जो फिल्म आपकी पहली ब्लॉकबस्टर होती है, उसी को डेब्यू माना जाता है.
पद्मिनी कोल्हापुरे ने ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ में ऐसा रोल निभाया था कि लोग उन्हें भूल नहीं नहीं पा रहे थे. इतना ही नहीं इस फिल्म में राज कपूर ने उन्हें इसलिए कास्ट किया था, क्योंकि वह पहले देवानंद की फिल्म में काम कर चुकी थीं.
इस फिल्म के बाद जब पद्मिनी बड़ी हुई तो राज कपूर की फिल्म ‘प्रेम रोग’के एक्ट्रेस ने दर्शकों के साथ-साथ राज कपूर का भी ऐसा दिल जीता कि वह अपनी हर फिल्म में उनके साथ काम करने लगे.देखते ही देखते वह राज कपूर की खोज कहलाने लगीं.











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