नई दिल्ली। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अरावली पर्वतमाला में बंजर भूमि को उपयोग योग्य बनाने के उद्देश्य से एक बड़ी परियोजना का शुभारंभ करेंगे। इसके तहत 29 जिलों में करीब एक हजार नर्सरी विकसित की जाएंगी। इस अवसर पर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के मुख्यमंत्री अपने-अपने राज्यों से इस अभियान से जुड़ेंगे।
सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी दक्षिण दिल्ली के रिज क्षेत्र में पौधे लगाएंगे, जो गुजरात से राष्ट्रीय राजधानी तक 700 किमी फैली पर्वत शृंखला का हिस्सा है। सरकार का कहना है कि यह पहल भारत के जलवायु लक्ष्य को पूरा करने में अहम साबित होगी। सरकार ने मार्च 2023 में अरावली ग्रीन वॉल पहल पेश की थी। इसका लक्ष्य गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में लगभग 64 लाख हेक्टेयर भूमि को शामिल करते हुए पांच किमी चौड़ी हरित पट्टी बफर जोन स्थापित करना है। इसके भीतर, लगभग 42% भूमि बंजर है। नई पहल को इसलिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि वनों की कटाई, खनन, पशुओं के चरने और मानव अतिक्रमण से मरुस्थलीकरण की स्थिति और खराब हो रही है।
गौरतलब है कि अरावली की 700 किलोमीटर की सीमा चार राज्यों से लगती है, जिसमें दिल्ली, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा की सीमाएं शामिल हैं। इसमें 29 जिले, चार बाघ अभयारण्य और 22 वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं।
पीएम मोदी अरावली पर्वत शृंखला को हराभरा करने की पहल की शुरुआत के साथ एक पेड़ मां के नाम का दूसरा चरण का भी आगाज करेंगे। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान एक व्यापक जन अभियान बन गया है, जिसे पीएम मोदी ने पहली बार 5 जून 2024 को शुरू किया था। अब इस अभियान को 2025 में भी आगे बढ़ाया जा रहा है। पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, इस अभियान के तहत अब तक 109 करोड़ पेड़ लगाए जा चुके हैं।











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