नई दिल्ली : पृथ्वी शॉ को कहना है कि जब वह अपनी जिंदगी में बेहद ‘अकेले’ थे तो वो सिर्फ ऋषभ पंत ही थे, जिन्होंने उनसे संपर्क किया. दरअसल, कभी ‘अगला सचिन तेंदुलकर’ कहे जाने वाले पृथ्वी शॉ आज एक मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. क्रिकेट की चमकदार दुनिया में जब स्पॉटलाइट दूर हो जाती है, तब कुछ चेहरे धुंधले पड़ने लगते हैं और शॉ की कहानी आज कुछ ऐसी ही है.
25 साल के पृथ्वी शॉ का बल्ला कभी विरोधी टीमों के लिए कहर बनकर टूटता था. मगर आज हालत इतनी बुरी है कि वह मुंबई की घरेलू टीम से भी बाहर कर दिए गए. इतना ही नहीं आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी में भी कोई खरीदार नहीं मिला. यह उस युवा बल्लेबाज़ के लिए गहरा झटका है, जिसने महज 18 साल की उम्र में टेस्ट शतक जड़कर देश को सपने दिखाए थे.
बातों से साफ था कि अकेलेपन ने शॉ को भीतर से तोड़ दिया है. क्रिकेट से दूरी, अपनी पहचान को खोता हुआ महसूस करना और चारों ओर से आती चुप्पी, ये सब शॉ के जीवन का हिस्सा बन गए थे.
पृथ्वी शॉ ने भावुक होकर माना, ‘मैं बहुत मेहनती था, घंटों नेट्स में बल्लेबाजी करता था. मैदान मेरा घर था. लेकिन फिर… धीरे-धीरे मैंने क्रिकेट को कम समय देना शुरू कर दिया. मैंने गलत फैसले लिए. खुद को गलत लोगों से घेर लिया.’
कभी 8 घंटे मैदान पर रहने वाले पृथ्वी, अब खुद स्वीकार करते हैं कि वो ट्रैक से भटक गए थे.
मैंने जो जरूरी नहीं था, उसे जरूरी मान लिया. ऐसे दोस्त बना लिए जो सिर्फ नाम और शोहरत की वजह से मेरे करीब आए. वे मुझे अपनी दुनिया में खींचते रहे… और मैं गिरता गया.
इन तमाम परेशानियों के बीच पृथ्वी शॉ ने एक नई शुरुआत की उम्मीद जगाई है. उन्होंने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से NOC (अनापत्ति प्रमाणपत्र) मांगा है ताकि वह किसी अन्य राज्य के लिए खेल सकें. पिछले साल उन्हें फिटनेस कारणों से रणजी टीम से बाहर कर दिया गया था. एक बार फिर वापसी की कोशिश की, लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी में उन्हें फिर नजरअंदाज कर दिया गया.











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