मुजफ्फरनगर। दिल्ली के झंडेवालान में स्थित प्राचीन मंदिर परिसर पर MCD और DDA द्वारा की गई कार्रवाई की गूँज अब उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भी सुनाई दे रही है। मंगलवार को आदि गुरु श्री गोरखनाथ जी के सैकड़ों भक्तों ने कचहरी परिसर में एकत्रित होकर दिल्ली प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
मुख्य बातें-
भजन के साथ विरोध: प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर ‘हरे राम-हरे राम’ का जाप करते हुए शांतिपूर्ण लेकिन कड़ा विरोध दर्ज कराया। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया।
आस्था पर चोट का आरोप: भक्तों का कहना है कि 29 नवंबर 2025 को झंडेवालान स्थित बाबा श्री पीर रतन नाथ जी (गुरु गोरखनाथ मंदिर) के प्राचीन स्थान पर बिना सोचे-समझे तोड़फोड़ की गई, जो करोड़ों हिंदुओं की आस्था का अपमान है।
योगी आदित्यनाथ से उम्मीद: प्रदर्शनकारी राम कुमार ने बताया कि यह स्थान 1947 से भी पहले का है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इसी मठ की परंपरा से जुड़े हैं, इसलिए उन्हें पूरा विश्वास है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस पवित्र स्थल को DDA के कब्जे से मुक्त कराएंगी।
आंदोलन की चेतावनी: भक्तों ने मांग की है कि झंडेवालान के इस प्राचीन स्थान को तुरंत बहाल किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मंदिर के संरक्षण के लिए कदम नहीं उठाए गए, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।
इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर सनातन धर्म के प्रतीकों की रक्षा का संकल्प लिया।










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