नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र आज हंगामेदार समापन के बाद एक बेहद खास और सकारात्मक तस्वीर के साथ खत्म हुआ। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने कक्ष में ‘सद्भावना चाय बैठक’ का आयोजन किया, जिसमें पक्ष और विपक्ष की कड़वाहट कम होती नजर आई।
खबर के प्रमुख बिंदु-
सत्र का समापन: आखिरी दिन भी विपक्ष के भारी हंगामे के कारण लोकसभा में कोई विधायी कार्य नहीं हो सका, जिसके बाद स्पीकर ओम बिरला और राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
सद्भावना बैठक और पीएम मोदी की मौजूदगी: सत्र समाप्ति के बाद स्पीकर के चैंबर में आयोजित चाय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। विपक्ष की ओर से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और सपा सांसद धर्मेंद्र यादव सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
प्रियंका गांधी और राजनाथ सिंह की चर्चा: बैठक में दिलचस्प नजारा तब दिखा जब पहली बार की सांसद प्रियंका गांधी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बगल वाली सीट पर बैठे देखा गया। वहीं, राजनाथ सिंह के दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी बैठे थे। तस्वीरों में विपक्षी और सत्ता पक्ष के नेता एक-दूसरे से मुस्कुराकर बात करते नजर आए।
नितिन गडकरी के साथ ‘लंच डिप्लोमेसी’: इससे पहले गुरुवार को प्रियंका गांधी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बीच रोचक संवाद हुआ था। प्रियंका द्वारा मुलाकात का समय न मिलने की शिकायत पर गडकरी ने मुस्कुराते हुए उन्हें अपने कार्यालय आमंत्रित किया और वहां न केवल उनकी बात सुनी, बल्कि उन्हें स्वादिष्ट भोजन भी कराया।
लोकतंत्र की खूबसूरत तस्वीर-
आमतौर पर सदन के भीतर तीखी नोकझोंक और नारेबाजी देखने को मिलती है, लेकिन सत्र के समापन पर सत्ता पक्ष और विपक्ष का एक साथ बैठकर चाय पीना भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता और खूबसूरती को दर्शाता है। मानसून सत्र में विपक्ष ने इस बैठक का बहिष्कार किया था, लेकिन इस बार प्रियंका गांधी की मौजूदगी ने राजनीति में नए शिष्टाचार के संकेत दिए हैं।












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