मुजफ्फरनगर। पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने शहर को स्वच्छता में नंबर-1 बनाने के लिए खुद मैदान में उतरकर कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार तड़के जब शहर सो रहा था, तब पालिकाध्यक्ष सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के लिए सड़कों पर पैदल मार्च कर रही थीं।
निरीक्षण की मुख्य बातें-
दो किलोमीटर का पैदल मार्च: पालिकाध्यक्ष ने सूजडू चुंगी से लेकर ऐतिहासिक शिव चौक तक करीब दो किलोमीटर का सफर पैदल तय किया। इस दौरान उन्होंने नाइट स्वीपिंग (रात्रि सफाई), कूड़ा उठान और डिवाइडरों की सफाई का बारीकी से निरीक्षण किया।
अधिकारियों की क्लास: मेरठ रोड पर गंदगी और सफाई में ढिलाई देख पालिकाध्यक्ष बिफर पड़ीं। उन्होंने मुख्य सफाई निरीक्षक योगेश कुमार गोलियान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि स्वच्छता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कंपनी बाग का कायाकल्प: पैदल मार्च करते हुए वह कमला नेहरू वाटिका (कंपनी बाग) पहुंचीं, जहाँ उन्होंने चल रहे सड़क निर्माण, मरम्मत और नए शौचालयों के काम को देखा। उन्होंने निर्देश दिए कि काम की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और इसे तय समय में पूरा किया जाए।
जनता के स्वास्थ्य के प्रति जवाबदेही: मीनाक्षी स्वरूप ने सफाई कर्मचारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि “शहर को सुंदर बनाना हमारी जिम्मेदारी है क्योंकि यह सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा है।”
इस औचक निरीक्षण के दौरान वाटिका सुपरवाइजर, दुष्यंत कुमार और मोहम्मद सालिम सहित पालिका की पूरी टीम मुस्तैद रही।










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