नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में पूर्व आईएएस अधिकारी राज कुमार गोयल को देश के मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। गोयल अब देश की सूचना प्रणाली के सर्वोच्च पद की कमान संभालेंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाना और नागरिकों के सूचना के अधिकार (RTI) की रक्षा करना है।
PM मोदी की अध्यक्षता वाले पैनल ने किया था चयन-
राज कुमार गोयल की नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति की सिफारिश पर की गई है। गोयल 1990 बैच के (सेवानिवृत्त) एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। उनके पास प्रशासनिक कार्यों का व्यापक अनुभव है।
प्रशासनिक अनुभव का लंबा सफर-
सेवानिवृत्ति: वे 31 अगस्त 2025 को कानून और न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग में सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
महत्वपूर्ण पद: उन्होंने गृह मंत्रालय में सचिव (सीमा प्रबंधन) के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं।
क्षेत्रीय अनुभव: वे जम्मू-कश्मीर और अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में कई महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रह चुके हैं, जिससे उन्हें जमीनी स्तर की प्रशासनिक जटिलताओं की गहरी समझ है।
क्या होगी उनकी मुख्य जिम्मेदारी?
मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में राज कुमार गोयल के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारियां होंगी:
RTI मामलों का निस्तारण: सूचना के अधिकार से जुड़े लंबित मामलों का निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से निपटारा करना।
सरकारी पारदर्शिता: नागरिकों को सरकारी जानकारी सुलभ कराने के लिए व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना।
कानून का संरक्षण: यह सुनिश्चित करना कि कोई भी सरकारी विभाग बिना ठोस कारण के सूचना देने से मना न कर सके।
राष्ट्रपति का संदेश-
शपथ ग्रहण के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विश्वास जताया कि राज कुमार गोयल अपनी नई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों का सूचना संपन्न होना अनिवार्य है और सीआईसी का पद इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।











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