मुजफ्फरनगर। गंगा स्नान मेलों में भैंसा-बोगी ले जाने पर लगी रोक को लेकर अब माहौल गर्माने लगा है। इस मामले में जहां केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान ने संबंधित मंत्री व अफसरों को चिट्ठी लिखकर रोक हटाने की मांग की है, वहीं किसान नेता राकेश टिकैत ने भी इस फैसले को लेकर विरोध का ऐलान किया है। नीचे क्लिक कर देखें राकेश टिकैत का पूरा वीडियो
उल्लेखनीय है कि हापुड जिले के गढ़मुक्तेश्वर में आगामी 29 अक्टूबर से शुरू हो रहे कार्तिक गंगा स्नान मेले में हापुड, मेरठ जिला प्रशासन ने भैंसा-बुग्गी के आवागमन पर रोक लगा दी है। इसके पीछे पशुओं में फैली लंपी वायरस बीमारी का हवाला दिया है। गढ़ मेला में भैंसा बुग्गी पर लगाई रोक का अब चारों ओर विरोध शुरू हो गया है। पहले भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने प्रशासन से इस फैसले को वापस लेने की मांग की थी, वहीं आज भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी इस फैसले का विरोध किया है।
राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने पहले ट्रैक्टरों पर लोगां के आने-जाने पर रोक लगाने के आदेश दिए, अब भैंसा बोगी पर भी रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। उन्होने इस फैसले का विरोध करने का ऐलान करते हुए कहा कि किसान शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराए। जहां भी उन्हे मेले में भैंसा बोगी ले जाने से रोका जाता है, वह वहीं धरने पर बैठ जाएं।
इस बीच आज केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान ने ने इस बारे में प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री, मेरठ, सहारनपुर मंडलायुक्त सहित हापुड, मुजफ्फरनगर डीएम को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा कि कार्तिक गंगा मेले में भैंसा-बुग्गी पर लगाई रोक को तत्काल हटाया जाए। केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान ने कहा कि देशभर में लंपी वायरस की बीमारी गोवंशीय पशुओं में पाई है। देश में कहीं खच्चर, भैंस, घोड़ा आदि में लंपी बीमारी नहीं मिली।









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