लखनऊ। राष्ट्रीय लोक दल को एक और बड़ा झटका लगा है । रालोद की युवा शाखा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और एक समय रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के अत्यंत करीबी रहे वसीम रजा ने रालोद से इस्तीफा दे दिया है।
रालोद की युवा शाखा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष वसीम रजा समेत उनके समर्थकों ने आज लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के समक्ष समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। वे चुनाव में रालोद के स्टार प्रचारक भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी एनडीए से गठबंधन करके चौधरी चरण सिंह और चौधरी अजीत सिंह की विचारधारा से भटक गए हैं, भारतीय सेना में अग्नि वीर योजना, नौजवानों और सेना के साथ खिलवाड़ है, लेकिन सत्ता के लालच में जयंत चौधरी इसका भी विरोध नहीं कर रहे हैं, वे राष्ट्रीय लोकदल की सांप्रदायिक सद्भाव की विचारधारा को भी खंडित कर रहे हैं, जिसके चलते उन्होंने रालोद को छोड़ने का फैसला किया है और समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि अब किसानों, गरीबों और नौजवानों के लिए सपा में भविष्य है। उन्होंने कहा कि वो किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह की नीतियों से प्रभावित होकर लंबे समय रालोद में रहे और उनके लिए काम किया लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं, जिसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ जाने का फैसला लिया है।
वसीम रजा ने कहा कि अब वो अखिलेश यादव के हाथ मजबूत करेंगे, सपा अध्यक्ष पीडीए को साथ लेकर चल रहे हैं. बीजेपी का मुकाबला अखिलेश यादव ही कर सकते हैं. 36 बिरादरियां सपा की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख रही हैं। आज सपा मुख्यालय में पार्टी में शामिल करने के समय मुजफ्फरनगर के सपा नेता माजिद सिद्दीकी भी उनके साथ उपस्थित रहे।










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