शामली। सोमवार को शामली कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं पर की गई कार्यवाही की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।इस बैठक में पूर्व में भेजे गए पत्रों एवं प्रस्तावों पर जिला प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी दी गई।डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चिकित्सा सहायता से जुड़े मामलों की जांच अधिकतम पांच दिनों के भीतर पूर्ण कर शासन को भेजी जाए, जिससे समय रहते ज़रूरतमंदों को इलाज का लाभ मिल सके।
बैठक में थाना भवन विधायक द्वारा यह मुद्दा उठाया गया कि क्षेत्र के पांच गांव प्रशासनिक रूप से शामली तहसील में आते हैं, जबकि ब्लॉक कैराना से जुड़े हैं। उन्होंने इन्हें ब्लॉक शामली में शामिल किए जाने की मांग रखी। इस पर डीएम ने एसडीएम शामली को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
विधायक अशरफ अली ने उठाईं ये अहम मांगें
- स्वनिधि योजना का लाभ सही तरीके से मिले।
- ग्राम मोरमाजरा की जल निकासी समस्या शीघ्र हल हो।
- ग्राम नौजल में दलित महिलाओं के लिए स्नान घर हेतु भूमि उपलब्ध कराई जाए।
- थानाभवन कस्बे में कृष्णा नदी पार करने के लिए रास्ता बने।
- ग्राम गोगवान जलालपुर में खेल मैदान को कब्जा मुक्त कराया जाए।
सदर विधायक प्रसन्न चौधरी ने मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में आ रही कठिनाइयों का मुद्दा उठाया।
बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि:
- एमएलसी वीरेंद्र सिंह
- एसपी रामसेवक गौतम
- एडीएम न्यायिक परमानन्द झा
- डिप्टी कलेक्टर हामिद हुसैन
- एसडीएम विनय कुमार भदौरिया
- चेयरमैन अरविन्द संगल
- जिला पंचायत सदस्य उमेश कुमार व अरविन्द पंवार
डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकार की बैठक अब हर महीने आयोजित की जाएगी, ताकि जनप्रतिनिधियों की ओर से प्राप्त समस्याओं पर समय से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।











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