मुजफ्फरनगर। जनपद की साइबर पुलिस ने निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया है। पुलिस ने ‘जॉर्डन’ और ‘जेम्स’ जैसे कोड नामों से नेटवर्क चलाने वाले शातिर ठग खालिद को गिरफ्तार किया है।
फेसबुक पर दोस्ती और फिर 3 करोड़ का शिकार-
ठगी की यह दास्तान नई मंडी के व्यवसायी सचिन कुमार से शुरू हुई। फेसबुक पर एक अज्ञात शख्स ने उनसे दोस्ती की और शेयर मार्केट में निवेश कर रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाया। झांसे में आए व्यवसायी ने भारी मुनाफे की उम्मीद में किश्तों में कुल 3,09,22,000 रुपये ठगों के हवाले कर दिए। जब पैसे वापस नहीं मिले, तब व्यवसायी को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने साइबर थाने में गुहार लगाई।
नेपाल में ट्रेनिंग, चीन के अपराधियों से सांठगांठ-
एसपी (अपराध) इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी खालिद (निवासी गाजीपुर) ने पूछताछ में चौंकाने वाले राज उगले हैं:
इंटरनेशनल ट्रेनिंग: स्नातक के बाद नौकरी न मिलने पर खालिद नेपाल गया, जहाँ उसने ‘अमान’ नामक अपराधी से साइबर ठगी के गुर सीखे।
ग्लोबल नेटवर्क: खालिद नेपाल के जरिए चीन, कंबोडिया और सिंगापुर के साइबर अपराधियों के संपर्क में था।
मोडस ऑपेरंडी: वह नेपाली सिम कार्ड का उपयोग कर भारतीय नागरिकों को निशाना बनाता था ताकि पुलिस को उस तक पहुँचने में मुश्किल हो।
पुलिस की बड़ी कामयाबी-
साइबर थाना पुलिस ने कड़ी मशक्कत और तकनीकी जांच के बाद बाराबंकी के साईपुरम में छिपे खालिद को दबोच लिया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस गिरोह ने देश में और कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।
सावधान रहें: अगर आपके साथ भी कोई साइबर धोखाधड़ी होती है, तो बिना देरी किए सरकार के आधिकारिक साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें या 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।










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