सहारनपुर। सहारनपुर जनपद के सरसावा चौकी क्षेत्र के ग्राम ढिक्का में जैक लगाकर उठाया जा रहा लिंटर अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। मलबे के नीचे दबने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि चार घायल हो गए। चीख पुकार सुनकर इक्टठा हुए ग्रामीणों ने मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला। दो मजदूरों को गंभीर अवस्था के चलते मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
हादसा शुक्रवार दोपहर बाद तीन बजे हुआ। गांव के जलील पुत्र पीरु अपने घेर में बने पुराने मकानों के लिंटर को ऊंचा उठवा रहा था। सरसावा निवासी ठेकेदार मीर हसन ने लिंटर उठाने का ठेका ले रखा था। लिंटर उठाने के दौरान 12 मजदूर एक साथ कई जैक लगाकर काम कर रहे थे।
अचानक पुराने लिंटर के नीचे की एक दीवार सरक गई और लिंटर धीरे-धीरे झुकते हुए अचानक धड़ाम से नीचे आ गिरा। इसके नीचे छह मजदूर दब गए। जबकि अन्य मजदूरों ने किसी प्रकार अपनी जान बचाई।
मजदूरों की चीख-पुकार सुनकर भवन स्वामी तथा ग्रामीणों ने आनन-फानन में मलबा हटाते हुए किसी प्रकार मजदूरों को बाहर निकाला। तब तक मुजफ्फरनगर के शेरपुर गांव निवासी शहजाद (28) पुत्र शमशाद तथा सरसावा निवासी राजेंद्र (21) पुत्र विक्रम की मृत्यु हो हो चुकी थी। जबकि शाजेब पुत्र निसार, शौकीन पुत्र रमजानी, इंतजार पुत्र जुल्फान तथा हसीन पुत्र मीर हसन घायल थे।
इन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसावा ले जाया गया, जहां से शौकीन तथा इंतजार को गंभीर हालत के चलते राजकीय मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया। सीएचसी में मौजूद पुलिस ने बताया कि अभी तक इस मामले में कोई तहरीर नहीं आई है।
शहजाद दो दिन पहले ही मुजफ्फरनगर जिले के ग्राम शेरपुर से अपनी पत्नी के साथ सरसावा में मजदूरी करने आया था और उसके साथ यह हादसा हो गया। मृतक शहजाद की दोस्ती लिंटर उठाने वाले ठेकेदार मीरहसन के पुत्र हसीन से थी। हसीन भी इस हादसे में घायल हुआ है। सीएचसी में शहजाद की पत्नी का कहना था कि शायद मौत ही उसे यहां खींच कर लाई थी।











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