मुजफ्फरनगर। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में गॉड ग्रेस इंटर कॉलेज, मुजफ्फरनगर में “आज़ाद हिंदुस्तान और मुसलमानों की शहादत” विषय पर एक विचार गोष्ठी (सेमिनार) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सर्व सामाजिक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रमुख समाजसेवी मनीष चौधरी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में मनीष चौधरी ने कहा, “भारत की आज़ादी में सभी धर्मों — हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई — का बराबर योगदान रहा है। आज़ादी की नींव सभी के बलिदानों पर टिकी है। यदि हम इस विरासत को संजोकर नहीं रखेंगे, तो शहीदों की आत्माएं हमें माफ़ नहीं करेंगी।”
उन्होंने सभी नागरिकों से भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
मौलाना अहमद काज़मी ने कहा, “स्वतंत्रता संग्राम धर्म से ऊपर उठकर लड़ा गया था। सभी समुदायों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष किया।”
फैजुर रहमान, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रांत संयोजक ने कहा, “भारत की आज़ादी का इतिहास केवल युद्ध नहीं, बल्कि यह लाखों देशभक्तों की कुर्बानियों से भरा हुआ अध्याय है। मुसलमानों ने धर्म से ऊपर उठकर देशभक्ति को अपनी पहचान बनाई।”
मौलाना आलम जैनबी ने कहा, “हमारी आज़ादी अनगिनत वीर बेटों-बेटियों के बलिदान की देन है, जिन्होंने हंसते-हंसते देश पर अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।”
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की उपप्रधानाचार्य शाहिना आज़म और यशिका गोयल ने संयुक्त रूप से किया।
प्रधानाचार्य हारिस सुबहानी ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया, वहीं विद्यालय मैनेजर साजिद त्यागी ने सभी का आभार प्रकट किया।










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