मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के सिखेड़ा थाना क्षेत्र के चित्तौड़ा गांव निवासी कनीज फातिमा सीमा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर जानसठ पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता का कहना है कि पुलिस आरोपियों के साथ सांठ-गांठ कर उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे को खत्म करने की कोशिश कर रही है। कनीज ने बताया कि मुख्य आरोपी की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस झूठा समझौता पत्र दाखिल कर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास कर रही है। एक सिंगल मदर के रूप में अपनी जमीन पर ओल्ड एज होम बनाने की कोशिश कर रही कनीज ने कहा कि उन्हें डर है कि पुलिस उनकी हत्या का इंतजार कर रही है।
कनीज फातिमा सीमा ने SSP कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी कृषि भूमि पर सत्यपाल और उसके रिश्तेदारों ने अवैध कब्जा कर लिया है। कनीज ने इस जमीन पर ओल्ड एज होम बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन सत्यपाल और उसके रिश्तेदार निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं। जब कनीज ने अपनी जमीन की पैमाइश के लिए मौके पर जाने की कोशिश की, तो सत्यपाल ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में उनके कान में गंभीर चोट आई, जिससे खून बहने लगा। डॉक्टरों ने उनके कान की स्थिति को गंभीर बताया और MRI कराने की सलाह दी है। कनीज ने कहा कि इस घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज किया, लेकिन अब वह झूठा समझौता पत्र दाखिल कर रही है, जिसमें दावा किया गया है कि उनका और सत्यपाल का समझौता हो गया है।
कनीज ने जानसठ पुलिस पर आरोपियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पुलिस ने न तो मुख्य आरोपी सत्यपाल को गिरफ्तार किया और न ही मामले की गंभीरता से जांच की। इसके बजाय, पुलिस ने एक फर्जी समझौता पत्र के आधार पर रिपोर्ट लगा दी, जिसमें कहा गया कि कनीज और सत्यपाल के बीच समझौता हो गया है। कनीज ने स्पष्ट किया, “मैं एक सिंगल मदर हूं। मुझ पर हमला करने वाले और मेरी जमीन पर कब्जा करने वाले के साथ मैं समझौता कैसे कर सकती हूं? मेरी कोई सहमति नहीं है, फिर भी पुलिस मुझे दबाव डाल रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की निष्क्रियता से उन्हें लगता है कि प्रशासन उनकी हत्या का इंतजार कर रहा है।
कनीज ने बताया कि वह अपनी कृषि भूमि पर एक ओल्ड एज होम बनाना चाहती हैं, ताकि जरूरतमंद बुजुर्गों को सहारा दे सकें। लेकिन सत्यपाल और उसके रिश्तेदार न केवल उनकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, बल्कि निर्माण कार्य को भी रोक रहे हैं। कनीज ने कहा कि उनकी जमीन का एक हिस्सा पहले ही बेनाम किया जा चुका है, लेकिन सत्यपाल इससे अधिक जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। इस कारण उनका सामाजिक कार्य प्रभावित हो रहा है।
कनीज ने SSP से मांग की है कि इस मामले में तत्काल कार्रवाई की जाए और मुख्य आरोपी सत्यपाल सहित अन्य हमलावरों को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने पुलिस की कथित निष्क्रियता और झूठे समझौते की कोशिशों की जांच की भी मांग की। कनीज ने अपनी और अपनी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन से हस्तक्षेप करने की अपील की है।
इस घटना ने मुजफ्फरनगर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक सिंगल मदर द्वारा सामाजिक कार्य के लिए अपनी जमीन का उपयोग करने की कोशिश और उस पर हुए हमले ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा किया है। सोशल मीडिया पर भी लोग कनीज के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं और पुलिस की निष्क्रियता की आलोचना कर रहे हैं। सामाजिक संगठनों ने इस मामले को उठाने और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की है।
कनीज फातिमा का यह मामला पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। यदि पुलिस की कथित सांठ-गांठ और निष्क्रियता की शिकायत सही पाई गई, तो यह प्रशासन की विश्वसनीयता पर सवाल उठा सकता है। ग्रामीणों ने भी मांग की है कि क्षेत्र में जमीन कब्जा और हमले जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।










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