मुजफ्फरनगर। गठवाला खाप ने 16 नवंबर को सोरम गांव में प्रस्तावित पंचायत को “सर्वखाप” के रूप में प्रचारित करने का कड़ा विरोध किया है। गठवाला खाप के चौधरी बाबा राजेंद्र सिंह मलिक ने बुढ़ाना स्थित निरीक्षण भवन में खाप प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और सर्वसम्मति से सोरम पंचायत का पूर्ण बहिष्कार करने की घोषणा की।
चौधरी राजेंद्र मलिक ने इस आयोजन को असंवैधानिक और नियमों के विरुद्ध बताते हुए कहा कि सर्वखाप पंचायत बुलाने की एक विशिष्ट परंपरा और प्रक्रिया होती है। इसके लिए सभी खापों की सहमति, विषय प्रस्ताव और सर्वखाप मंत्री द्वारा आधिकारिक अधिसूचना की आवश्यकता होती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस आयोजन के लिए किसी भी खाप से प्रस्ताव नहीं मांगे गए, कोई बैठक नहीं हुई और सर्वखाप मंत्री की ओर से कोई औपचारिक घोषणा भी नहीं की गई। उनके अनुसार, उन्हें इस आयोजन के बारे में लगभग दो महीने पहले राकेश बालियान के एक अखबार में दिए गए बयान से पता चला। उन्होंने सर्वखाप मंत्री सुभाष बालियान को पत्र लिखकर अपना विरोध भी जताया था, लेकिन अभी तक उस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला है।
विभिन्न खापों के थांबा प्रतिनिधियों ने भी इस आयोजन की वैधता पर कड़े सवाल उठाए। थांबा बहावड़ी के बाबा श्याम सिंह मलिक ने कहा कि सोरम पंचायत अवैधानिक है क्योंकि यह सर्वखाप की मान्य प्रक्रिया के अनुसार नहीं बुलाई गई। थांबा खरड़ के बाबा ईश्वर सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सर्वखाप मंत्री केवल बालियान खाप के नहीं होते, बल्कि वह सभी खापों के मंत्री हैं, और संगठन के पत्र का जवाब न देना गलत परंपरा है। पूरामहादेव के थांबा आजाद मलिक ने सीधा प्रहार करते हुए कहा, दहेज में गाड़ी की जगह ट्रैक्टर की पैरवी करने वाले किस मुंह से सर्वखाप की बात करते हैं? यह आयोजन समाज हित में नहीं, बल्कि निजी स्वार्थ में हो रहा है।
चौ. राजेंद्र मलिक ने सवाल उठाया कि राकेश टिकैत किस हैसियत से सर्वखाप का निमंत्रण दे रहे हैं? क्या बालियान खाप के अलावा टिकैत भी सर्वखाप प्रतिनिधि हैं?
चौ. राजेंद्र मलिक ने दोहरे मानदंडों पर सवाल उठाते हुए अपने परिवार का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं सर्वखाप द्वारा पारित दहेज विरोधी प्रस्ताव का अक्षरशः पालन किया और बागपत के बावली गांव में अपनी बेटी का विवाह बिना दहेज, केवल पाँच व्यक्तियों की मौजूदगी में संपन्न कराया, जबकि कुछ लोग स्वयं अपने ही निर्णयों पर खरे नहीं उतरते।
गठवाला खाप के इस बहिष्कार के निर्णय को रविंद्र चौधरी (उज्ज्वल खाप), तेजपाल वर्मा (स्वर्णकार समाज), अजय चौधरी (हरिजन समाज), रामकुमार शर्मा (ब्राह्मण समाज), और धर्मेंद्र चौधरी (बैरागी समाज) सहित विभिन्न समाजों और खाप प्रतिनिधियों का समर्थन मिला। सभी ने एक स्वर में मांग की कि सर्वखाप संस्था का अस्तित्व बचाने के लिए इसका उपयोग निजी हितों के लिए बंद होना चाहिए।










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