मेरठ। रात के अंधेरे में गांवों के ऊपर उड़ते रहस्यमयी ड्रोन अब महज पहेली नहीं रहेंगे। मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने साफ कर दिया है कि अब बिना इजाजत ड्रोन या कोई भी उड़ने वाला उपकरण उड़ाना अपराध की श्रेणी में आएगा।
पिछले कुछ समय से मेरठ समेत यूपी के अन्य जिलों में रात को ड्रोन उड़ने की घटनाएं सामने आ रही थीं। हालांकि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि कुछ क्षेत्रों में ड्रोन से मैपिंग का कार्य किया जा रहा है, लेकिन उसके अलावा भी कई मामलों में ड्रोन उड़ने की सूचनाएं मिलीं।
डीआईजी ने कहा कि अफवाह फैलाने वालों और बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस संबंध में सभी थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने थानों में ‘ड्रोन रजिस्टर’ बनाएं, जिसमें ड्रोन रखने वालों की जानकारी दर्ज की जाएगी।
सिर्फ ड्रोन ही नहीं, अब रात में आसमान में उड़ने वाले खिलौनों पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा। यदि कोई व्यक्ति इनका उपयोग करता पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि इन उड़ने वाले उपकरणों से ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रम और दहशत फैल रही है। कई बार इन्हें लेकर असत्य सूचनाएं वायरल होती हैं, जो सामाजिक सौहार्द्र और सुरक्षा दोनों के लिए खतरा हैं।
डीआईजी ने लोगों से अपील की है कि यदि वे किसी को बिना अनुमति ड्रोन उड़ाते देखें तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।











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