मुजफ्फरनगर। मेरठ-कोटद्वार हाईवे निर्माण के दौरान गांव देवल में बाबा भूरी वाले गुरुद्वारा के सामने एलीवेटेड रोड निर्माण की मांग को लेकर भाकियू (टिकैत) का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को छठे दिन भी जारी रहा। भाकियू कार्यकर्ताओं ने गुरुद्वारे के 200 मीटर के दायरे में हाइवे निर्माण पूरी तरह रोक रखा है और लगातार सरकार पर मनमानी का आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि मेरठ से नजीबाबाद तक बन रहे इस हाइवे पर कई जगहों पर पुलों का निर्माण कार्य चल रहा है। ग्राम देवल के समीप बाबा भूरे वाले गुरुद्वारे के सामने भी एक पुल बनाया जा रहा है। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी का आरोप है कि पहले गुरुद्वारे के सामने ट्रक, श्रद्धालुओं के वाहन व अन्य यात्री वाहनों के खड़े होने के लिए पर्याप्त जगह थी, लेकिन अब निर्माणाधीन पुल को गुरुद्वारे की ओर मोड़ दिया गया है और दोनों ओर से बंद संरचना बनाई जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही में भारी दिक्कत आएगी।
कमेटी का कहना है कि गुरुद्वारे में सेवा और दर्शन के लिए दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु आते हैं, और ट्रक ड्राइवरों के लिए यह लंगर स्थल भी है। ऐसे में पार्किंग और आवाजाही की सुविधा बाधित होने से धार्मिक भावनाएं आहत होंगी। इसी मुद्दे को लेकर 5 जून को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने गुरुद्वारे में पंचायत कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और एलिवेटेड रोड निर्माण की मांग को लेकर धरने की घोषणा की थी।
भाकियू कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक सरकार गुरुद्वारे के सामने एलिवेटेड रोड बनाए जाने की मांग नहीं मानती, तब तक धरना अनवरत जारी रहेगा और निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। छह दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक प्रशासन की ओर से कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है, जिससे किसानों में नाराजगी है।
मंगलवार को धरना स्थल पर भाकियू के कई पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रमुख रूप से ब्लॉक अध्यक्ष संजय त्यागी, युवा ब्लॉक अध्यक्ष अंकित मालिक, रॉबिन सिंह, सोनू त्यागी, ठाकुर मामचंद, पदम धारीवाल, आलम नूरु, जन्म सिंह गिल, दीपक धारीवाल, अविनाश, राजीव मालिक, उस्मान त्यागी, योगेश मालिक, सुशील प्रधान समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।










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