मुजफ्फरनगर। तितावी पुलिस ने तितावी हाईवे पर ट्रक ड्राइवरों के साथ मिलकर चोरी के काले तेल (इस्तेमाल किए गए मोबिल ऑयल) के गैर-कानूनी धंधे में शामिल एक गैंग पर बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को पुलिस ने गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 27,400 लीटर काला तेल, एक टैंकर और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए, जिनकी कीमत लगभग 11.35 लाख रुपये है। ये अपराधी एक नकली फर्म बनाकर और GST नंबर लेकर यह गैर-कानूनी धंधा कर रहे थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल और क्षेत्राधिकारी फुगाना नीरज सिंह की देखरेख में तितावी थाना प्रमुख पवन कुमार की टीम पानीपत-खाटीमथा मार्ग पर गश्त कर रही थी।
इसी दौरान, जय त्रिदेव होटल के पास सड़क किनारे खड़े एक टैंकर से कुछ लोग पाइप लगाकर संदिग्ध गतिविधियां करते नजर आए। शक होने पर पुलिस ने घेराबंदी की और मौके पर तीन लोगों को दबोच लिया। कड़ाई से पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे टैंकर से काला तेल चोरी कर रहे थे और उनके दो अन्य साथी पास के ही यार्ड में हैं।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने यार्ड में छापा मारा और वहाँ से दो अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से कुल 27,400 लीटर काला तेल, एक टैंकर (एनएल 01एबी 2438), 68 ड्रम, ₹36,150 नकद, एक अवैध तमंचा मय कारतूस और तेल निकालने के उपकरण बरामद किए। बरामद तेल की कीमत बाज़ार में लगभग ₹11 लाख 35 हजार आंकी गई है।
फर्जी फर्म की आड़ में सांठ-गांठ-
पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने “नमन ट्रेडिंग कंपनी” नाम की एक नकली फर्म खोली थी और दिखावे के लिए उसका GST नंबर भी ले लिया था। उनका असली मकसद हाईवे पर चलने वाले टैंकर ड्राइवरों से साठगांठ करना था। जब ड्राइवर इस्तेमाल किया हुआ मोबिल ऑयल ले जाते थे, तो ये लोग रास्ते में टैंकरों से तेल चुरा लेते थे और ड्राइवर को प्रति लीटर थोड़ी सी फीस देते थे। वे चोरी किए गए तेल को अपने यार्ड में अंडरग्राउंड टैंकों में छिपा देते थे और बाद में इसे फैक्ट्रियों को फ्यूल के तौर पर ऊंचे दामों पर सप्लाई करते थे, जिससे वे गैर-कानूनी मुनाफा कमाते थे।
इस मामले में पुलिस ने सुमित, मनोज, मंगत सिंह (सभी सिंधावली, मंसूरपुर के रहने वाले), उमेश (नंगला खोखर, संभल के रहने वाले) और रामबीर (गढ़ी देशराज, तितावी के रहने वाले) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सप्लाई इंस्पेक्टर को मौके पर बुलाकर जांच की और आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।











Discussion about this post