नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर सीधा प्रहार किया है। सोमवार को संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार खुद नहीं चाहती कि सदन सुचारू रूप से चले। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के इतिहास में अजीब स्थिति है कि खुद सरकारी मंत्री ही सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं।
संसदीय कार्य मंत्री पर लगाया ‘प्रश्नकाल’ डिस्टर्ब करने का आरोप-
प्रियंका गांधी ने विशेष रूप से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, “सदन की कार्यवाही शुरू होते ही संसदीय कार्य मंत्री ने खुद प्रश्नकाल को बाधित करना शुरू कर दिया। उनके हंगामे के कारण ही सदन की कार्यवाही स्थगित हुई। जब सरकार के जिम्मेदार मंत्री ही शोर-शराबा करेंगे, तो साफ है कि उनकी मंशा चर्चा कराने की नहीं है।”
प्रदूषण जैसे मुद्दों पर चर्चा से भाग रही सरकार-
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों पर बहस चाहता है, लेकिन सरकार चर्चा से भाग रही है। उन्होंने कहा, “हमने दिल्ली-एनसीआर में जानलेवा स्तर पर पहुँचे प्रदूषण पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन सरकार उस पर बात नहीं करना चाहती। वे जानबूझकर मुद्दों को भटकाने के लिए हंगामा कर रहे हैं।”
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तकरार की वजह-
गौरतलब है कि सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कांग्रेस की ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली का मुद्दा उठाया। भाजपा का आरोप है कि इस रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया। इसी को लेकर किरेन रिजिजू और अन्य मंत्रियों ने मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी से माफी की मांग की, जिसके कारण सदन में भारी हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित कर दी गई।











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