मुज़फ्फरनगर। लखनऊ से बड़ी खबर है कि सोमवार को शुरू हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी समाजवादी पार्टी के बीच सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान भाषण में भी गुस्सा झलका जब मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने साफ कहा, “आज समाजवादी पार्टी ने सदन में बेवजह हंगामा किया है। वे चर्चा के लिए तैयार नहीं हैं, उनका एकमात्र उद्देश्य अराजकता फैलाना है।
मंत्री कपिल देव ने विपक्ष की इस रवैये को अनुचित बताया और कहा कि विपक्षी दल सिर्फ उपद्रव कर रहे हैं, जबकि सरकार विकास और औद्योगिक योजनाओं पर चर्चा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सपा के लोगों का रवैया महज अव्यवस्था फैलाने वाला है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए हानिकारक है।
सत्र के पहले दिन ही विपक्ष के धरने और नारेबाजी के कारण कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित भी करनी पड़ी। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सत्र के आगाज के मौके पर विपक्ष की इस बरसती अव्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई और साफ कहा कि “वे एराजनीतिक अराजकता पसंद करते हैं।”
प्रस्तावों पर चर्चा होनी है, लेकिन विपक्ष द्वारा व्यवधान के कारण प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं। अगले कुछ दिनों में इस सत्र में सत्ताधारी और विपक्ष के बीच कड़ी बहस के संकेत मिल रहे हैं।
यहाँ यह भी ध्यान देने वाली बात है कि इस सत्र में “विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश” विजन डॉक्यूमेंट पर 24 घंटे लगातार चर्चा की जाएगी, जिसमें सरकार अपने प्रदर्शन और योजना का ब्यौरा प्रस्तुत करेगी। इस महत्वपूर्ण सत्र में सभी दलों से शांति और सहयोग की अपेक्षा की जा रही है, लेकिन शुरुआती दिन की घटना से ऐसा माहौल अभी नहीं बन पाया है।
इस पूरे घटनाक्रम पर जनता की निगाहें टिकी हुई हैं कि यूपी में विधानसभा सत्र के दौरान राजनीतिक दल कैसे अपने मतभेदों को धारित करते हैं, और शासन संचालन सुचारू ढंग से हो पाता है या नहीं।










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