लखनऊ। उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर महीनों से चल रहीं अटकलें अब निर्णायक दौर में हैं। दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व की बैठक में नए अध्यक्ष का नाम अंतिम रूप से तय कर लिया गया है, जिसकी औपचारिक घोषणा का इंतजार है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल 14 दिसंबर, रविवार को लखनऊ में पार्टी के नए मुखिया के नाम का ऐलान करेंगे।
नामांकन प्रक्रिया आज-
संगठन चुनाव अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने गुरुवार को बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 13 दिसंबर को दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे तक पार्टी के राज्य मुख्यालय पर नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे।
उन्होंने पुष्टि की कि केंद्रीय चुनाव अधिकारी पीयूष गोयल 14 दिसंबर को लखनऊ में चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर नए अध्यक्ष के निर्वाचन की घोषणा करेंगे। पार्टी ने सभी प्रांतीय परिषद सदस्यों को 12 दिसंबर, शुक्रवार को ही लखनऊ पहुंचने का फरमान जारी कर दिया था।
रेस में OBC वर्ग के चेहरे प्रबल-
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा एक बार फिर जातीय समीकरण साधते हुए ओबीसी वर्ग से ही किसी नेता को कमान सौंप सकती है। अध्यक्ष पद की दौड़ में कई प्रमुख नाम शामिल हैं:
प्रमुख दावेदार: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, बीएल वर्मा, मंत्री धर्मपाल सिंह, स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और राज्यसभा सदस्य बाबूराम निषाद।
भूपेंद्र चौधरी ने की PM मोदी से मुलाकात-
मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी पिछले तीन दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए थे। उन्होंने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब 35 मिनट तक मुलाकात की। इस दौरान चौधरी ने उन्हें अध्यक्ष पद का दायित्व देने के लिए आभार जताया और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति व आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
निर्वाचन प्रक्रिया पूरी, नहीं कोई बाधा-
पार्टी के भीतर अध्यक्ष चुनने की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव करने वाली प्रांतीय परिषद के लगभग 400 सदस्यों की घोषणा हो चुकी है। चुनाव प्रक्रिया के लिए 50 प्रतिशत से अधिक जिलाध्यक्षों का चयन जरूरी था, जबकि यूपी में 86 प्रतिशत जिलाध्यक्षों का चयन हो चुका है, जिससे चुनाव में कोई तकनीकी बाधा नहीं है।
शीर्ष नेतृत्व 16 दिसंबर को खरमास शुरू होने से पहले अध्यक्ष का चुनाव संपन्न करा लेना चाहता है। यह समय सीमा यह भी दर्शाती है कि पार्टी बिना किसी देरी के चुनावी मोड में आनामी चुनावी चुनौतियों से है। चाहती है। केंद्रीय चुनाव अधिकारी पीयूष गोयल की उपस्थिति में 14 दिसंबर को होने वाला ऐलान इस बात की पुष्टि करता है कि यह निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर लिया गया है और इसका सीधा संबंध आगा।










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