लखनऊ : लखनऊ से प्रयागराज जा रही यूपी रोडवेज की जनरथ बस में किन्नरों ने उत्पाद मचाया। यात्रियों को गाली देने के साथ उनके साथ मारपीट की। मामला की शिकायत हो गई है।
लखनऊ से प्रयागराज जा रही एसी जनरथ बस में बृहस्पतिवार को किन्नरों ने जमकर उत्पात मचाया। यात्रियों से मारपीट व गालीगलौज तक की। किन्नरों ने बस को रुकवाया और यात्रियों को नीचे उतारा। मामले में एफआईआर के लिए चालक, परिचालक ने आलमबाग थाने में तहरीर दी है। यात्रियों को दूसरी बस से भिजवाया गया।
मामला रोडवेज की अवध डिपो की बस का है। बस संख्या यूपी 33 एटी 4029 एसी जनरथ बस है। यह बस बृहस्पतिवार सुबह 10ः20 बजे आलमबाग बस अड्डे से प्रयागराज के लिए रवाना हुई। बस में चालक जगदीश चंद्र यादव और परिचालक शीला गौतम थे। इसके अतिरिक्त करीब 30 यात्री सवार थे। आलमबाग बस अड्डे से कुछ दूर आगे बढ़ने पर आलमबाग थाने से थोड़ी दूर पहले बस में दर्जनभर किन्नर चढ़ गए। किन्नरों ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया। यात्रियों से जबरन वसूली करने लगे। जब यात्रियों ने पैसे देने से इनकार किया तो कुछ किन्नरों ने अश्लीलता की हदें पार कर दीं। किन्नरों ने यात्रियों से मारपीट व गालीगलौज भी की। किन्नरों ने बस को रुकवाया और यात्रियों को उतरवा दिया। आलमबाग थाने में परिचालक व चालक की ओर से शिकायत दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। यात्रियों के उतर जाने के बाद बस खाली वापस लौट आई।
बस के अंदर उत्पात करने के बाद किन्नरों ने जबरन बस को रुकवाया। बाहर आकर ईंट व पत्थर उठा लिए तथा शीशा तोड़ने की धमकी देने लगे। इसी बीच और किन्नरों को भी बुला लिया तथा यात्रियों को नीचे उतरवा दिया। परिचालक व चालक ने बताया कि बस रुकवाकर उसे थाने लेकर चलने का दबाव भी किन्नरों ने बनाया। ऐसे में पुलिस व किन्नरों की मिलीभगत के भी कयास यात्रियों ने लगाए।
ट्रेन में किन्नरों के आतंक की खबरें आम बात हैं। लेकिन अब बसों में भी किन्नरों ने यात्रियों का सफर मुहाल कर दिया है। खास बात यह है कि आलमबाग, कैसरबाग, कमता सहित सभी बस अड्डों से चलने वाली साधारण बसों में किन्नर यात्रियों के लिए मुसीबत बने हुए थे। लेकिन अब एसी बसों में भी आतंक का पर्याय बन रहे हैं।
बसों में किन्नरों के आतंक को लेकर पुलिस को कई बार चिट्ठियां लिखी गई हैं। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई है। आलमबाग बस अड्डे पर एसी जनरथ बस में किन्नरों ने यात्रियों से अभद्रता की है, जिसकी तहरीर चालक व परिचालक की ओर से आलमबाग थाने में दी गई है।-आरके त्रिपाठी, क्षेत्रीय प्रबंधक, लखनऊ परिक्षेत्र










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