अमरोहा। डिडौली थाना क्षेत्र में शिक्षामित्र दीप्ति की दर्दनाक मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। पति ने प्लॉट बेचने को लेकर हुए विवाद में उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में 6 दिन तक जिंदगी से जूझने के बाद शनिवार को दीप्ति ने दम तोड़ दिया।
घटना बीते रविवार रात करीब एक बजे की है। दीप्ति अमरोहा जिले के जोया ब्लॉक के शेखूपुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत थीं। उनकी शादी संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र के गांव भंडा निवासी राजीव कुमार से हुई थी।
दीप्ति के पिता समरेश पाल सिंह ने बताया कि राजीव शराब का आदी था और अक्सर दीप्ति से मारपीट करता था। दीप्ति के नाम पर डिडौली, अमरोहा और ढवारसी में तीन प्लॉट हैं। ससुराल वाले इन प्लॉटों को बेचने के लिए दबाव बना रहे थे।
रविवार देर रात राजीव ने दीप्ति के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी और बाहर से कमरे का दरवाजा बंद कर दिया।
घटना के समय दीप्ति की बेटी गनुराज छत पर सो रही थी। मां की चीखें सुनकर वह नीचे आई तो पिता ने उसे भी धमकी दी। गनुराज ने छत से अपने मामा को फोन कर घटना की जानकारी दी। कुछ ही देर में मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और दीप्ति को किसी तरह बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
हालत गंभीर होने पर उन्हें मुरादाबाद, मेरठ और अंत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, जहां शनिवार दोपहर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
दीप्ति के पिता ने डिडौली थाने में दीप्ति के पति राजीव, ससुर, जेठानी, जेठ, दो ननद और नंदोई के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।











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