मेरठ। सब लेफ्टिनेंट आस्था पूनिया अब भारतीय नौसेना में पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं। शिक्षक दंपती की बिटिया ने बचपन में ख्वाब देखा और कड़ी मेहनत व अनुशासन से पूरा कर दिखाया। पूनिया की कामयाबी बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है। विशाखापत्तनम में उन्हें विंग्स ऑफ गोल्ड से नवाजा गया।
हिसावदा गांव के रहने वाले शिक्षक अरुण कुमार लंबे समय तक बघरा जवाहर नवोदय विद्यालय में शिक्षक रहे। वर्तमान में वह मेरठ के सरधना स्थित विद्यालय में कार्यरत हैं। आस्था की मां संयोगिता चौधरी बेसिक शिक्षा विभाग के पीरबड़ प्राइमरी स्कूल में शिक्षिका हैं। आस्था की पढ़ाई बघरा और मुजफ्फरनगर के अलग-अलग स्कूलों में हुई। मेहनत के दम पर नौसेना में चयन हुआ। शुक्रवार को पूनिया को विंग्स ऑफ गोल्ड सम्मान प्रदान किया गया, जो नौसेना की फाइटर पायलट बनने की पात्रता का प्रतीक है।
शिक्षिका संयोगिता चौधरी के बेटी आस्था पूनिया के पहली फाइटर पायलट बन जाने के बाद शिक्षा विभाग में खुशी का माहौल है। बीएसए संदीप चौहान ने खुशी जताई। शिक्षक नेता संजीव बालियान ने कहा कि विभाग के लिए यह गौरव का क्षण है। शिक्षक कपिल तोमर ने कहा कि आस्था की कामयाबी बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी। जवाहर नवोदय विद्यालय के शिक्षकों ने भी खुशी जताई।
शिक्षिका संयोगिता चौधरी शहर की जाट कॉलोनी की रहने वाली है। आस्था की कामयाबी पर ननिहाल में नाना राजेंद्र सिंह और जयकरण सिंह ने खुशी मनाई।
आस्था की शिक्षिका मां ने बताया कि शुरुआती पढ़ाई गिरधारी लाल पब्लिक स्कूल से हुई। इसके बाद एसडी पब्लिक स्कूल में 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त की। दो साल पहले पूनिया का चयन नौसेना में हुआ था, अब वह पायलट बन गई है।











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