राजस्थान रॉयल्स के लिए वैभव सूर्यवंशी ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 35 गेंदों में शतक बनाया। 14 साल की उम्र में, वह टी20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक बनाने वाले खिलाड़ी बने। बिहार के समस्तीपुर से शुरू हुआ वैभव का यह सफर आसान नहीं था।
एक पिता अपने बच्चे को सफल बनाने के लिए उनसे जो कुछ भी होता है वो सब करते हैं। पिता की ख्वाहिश होती है कि उनका बच्चा उनसे आगे निकले। ऐसा ही कुछ वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव सूर्यवंशी की भी सोच थी। वैभव के पिता पेशे से तो एक किसान हैं, लेकिन उनकी आंखों में बेटे लिए क्रिकेटर बनाने का सपना था। बिहार के समस्तीपुर जिले में पड़ने वाले छोटे से गांव ताजपुर प्रखंड के रहने वाले वैभव के पिता खेती बाड़ी काम करते थे। क्रिकेट जैसे खेल के लिए अच्छी ट्रेनिंग और कोचिंग की व्यवस्था समस्तीपुर जैसे छोटे शहर में उपलब्ध नहीं था।
ऐसे में पिता ने वैभव को करीब 100 किलोमीटर दूर बिहार की राजधानी पटना में ट्रेनिंग के लिए भेजने का फैसला किया। इसके लिए पैसे भी जरूरत थी। आय का कोई बड़ा जरिया नहीं था, तो वैभव के पिता ने अपनी जमीन बेच दी। वैभव के लिए उनके पिता ने सब कुछ दांव पर लगा दिया। वह खुद अपने बेटे के लिए टिफिन पैक करते थे। वैभव 10 साल के थे तो वह अपने से बड़ी उम्र के लड़कों के साथ नेट्स प्रैक्टिस कर एक दिन में 600 से ज्यादा गेंदें खेलते थे। वैभव के पिता की ये मेहनत बेकार नहीं गई। बता दें कि वैभव जैसे देश में लाखों करोड़ों युवा हर दिन अपनी आंखों में क्रिकेटर बनने का सपना देखते हैं, लेकिन सफलता बहुत ही कम को मिल पाती है। ऐसे में अगर वैभव क्रिकेटर नहीं बन पाते तो उनके पिता का सब कुछ खत्म हो जाता।
वैसे तो वैभव सूर्यवंशी की उम्र महज 14 साल की है। 14 साल की उम्र के बच्चों को अक्सर देखा जाता है कि वह स्कूल में पढ़ाई करने जाते हैं, लेकिन वैभव जिस अंदाज में इंडियन प्रीमियर लीग में इंटरनेशनल लेवल के गेंदबाजों की धुनाई कर रहे हैं, उस पर यकीन कर पाना मुश्किल है। वैभव के पास खुद को निखारने का अभी बहुत समय है। ऐसे में कहा जा सकता है कि वैभव के लिए उनके पिता ने अपनी सबसे बड़ी पूंजी जमीन को बेचने का जो रिस्क लिया था वह सफल हुआ।
वैभव ने आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए महज 35 गेंद में अपना शतक पूरा किया। वैभव इस लीग में सबसे तेज शतक जड़ने वाले भारतीय खिलाड़ी बने हैं। उन्होंने इस मामले में भारत के यूसुफ पठान को पीछे छोड़ा है। वैभव को आईपीएल के मेगा ऑक्शन में राजस्थान की टीम ने 1.1 करोड़ की बड़ी बोली लगाकर खरीदा था। वैभव ने जिस बेखौफ अंदाज में गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों की धुनाई की उसे देख सचिन तेंदुलकर और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज भी उनकी तारीफ कर रहे हैं।











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