मुजफ्फरनगर। जिस घर में शहनाइयों की गूंज सुनाई देने वाली थी और जहाँ मंगल गीतों के बीच शादी की रस्में चल रही थीं, वहाँ कुदरत के एक क्रूर प्रहार ने खुशियों को उम्र भर के मातम में बदल दिया। कस्बे के पास स्थित गाँव टांडा माजरा निवासी एक युवक की अपनी ही शादी के कार्ड बांटते समय बागपत में सड़क हादसे में मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिवार की चीख-पुकार से पूरा इलाका सहम गया है।
शादी की तैयारियों के बीच टूटा दुखों का पहाड़-
गाँव टांडा माजरा निवासी 25 वर्षीय नितेश उर्फ जोनी, जो पेशे से सैलून संचालक था, उसकी शादी आगामी 25 दिसंबर को तय थी। घर में बारात की तैयारी जोरों पर थी और नितेश खुद उत्साह के साथ सगे-संबंधियों को निमंत्रण देने में जुटा था। गुरुवार को वह बागपत जिले के दाहा क्षेत्र में रिश्तेदारों को कार्ड देकर बरनावा मार्ग की ओर जा रहा था, तभी उसकी बाइक भीषण हादसे का शिकार हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि नितेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
सिर पर सजने वाला था सेहरा, पर नसीब हुई कफन-
नितेश अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। घर में सबसे छोटा होने के कारण वह सबका लाडला था। बड़े भाई की शादी पहले ही हो चुकी थी और अब नितेश के सिर पर सेहरा सजने की बारी थी। हादसे की खबर मिलते ही माँ उषा, भाई हरीश, शनि, अंकुर और बहन ऋतु का रो-रोकर बुरा हाल है।
गाँव में पसरा सन्नाटा-
जिस घर से पाँच दिन बाद धूमधाम से बारात निकलनी थी, वहाँ अब शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा है। खुशियों वाले घर से जब नितेश की अर्थी उठी, तो हर आँख नम हो गई। इस दुखद हादसे ने न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।










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