मुजफ्फरनगर/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के एक और जिले का नाम बदलने की मांग उठी है। यूपी बीजेपी के उपाध्यक्ष मोहित बेनीवाल ने मुजफ्फरनगर का नाम बदलकर ‘लक्ष्मी नगर’ करने की मांग की है। इस मुद्दे को बीते दिनों उन्होंने विधान परिषद में उठाया था। अब उन्होंने इसको लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी की है। मुलाकात के बाद बेनीवाल ने बताया कि इस मांग का समर्थन पार्टी के नेताओं और मुजफ्फरनगर के लोगों के बीच मजबूत सहमति से किया जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले इलाहाबाद और फैजाबाद जिलों का नाम बदला जा चुका है।
मीडिया से बातचीत में बीजेपी एमएलसी मोहित बेनीवाल ने कहा- ‘यह नाम बदलने का सवाल नहीं है, बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक गौरव, सभ्यता के पुनरुद्धार और ऐतिहासिक सत्य को बहाल करने का संकल्प है। मुजफ्फरनगर जिला शुक्रताल के तीर्थस्थल का घर था, जहां यह दावा किया जाता है कि ऋषि सुकदेव गोस्वामी ने महाभारत में अभिमन्यु के पुत्र महाराजा परीक्षित को पवित्र श्रीमद-भागवतम (भागवत पुराण) सुनाया था। फिर भी इसे मुगल कमांडर मुजफ्फर खान के नाम से जाना जाता है जो एक विडंबना है।’
उत्तर प्रदेश सरकार के अभिलेखों के अनुसार, मुजफ्फरनगर की स्थापना 1633 में शाहजहां के शासनकाल के दौरान एक मुगल कमांडर सैयद मुजफ्फर खान के बेटे मुनव्वर लश्कर खान ने प्राचीन शहर सरवत के स्थल के पास की थी।
दूसरी ओर, मुजफ्फरनगर से सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि यह मांग बीजेपी का एक और जुमला है। बीजेपी वाले चाहते हैं कि लोग उनकी तुच्छ मांगों पर प्रतिक्रिया दें। आपको बता दें कि मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर सपा के हरेंद्र मलिक ने बीजेपी के प्रमुख जाट चेहरे और पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान को 24,000 मतों के अंतर से हराया था।










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